हैदराबाद, 25 जनवरी। तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के नामपल्ली इलाके में एक फर्नीचर दुकान की चार मंजिला इमारत में लगी भीषण आग में दम घुटने से दो बच्चों समेत पांच लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने रविवार को बताया कि आग शनिवार को लगी थी, जिसके बाद बेसमेंट में फंसे लोगों को बचाने के लिए व्यापक बचाव अभियान चलाया गया।
पुलिस के अनुसार, रविवार को इमारत के बेसमेंट के अलग-अलग हिस्सों से सभी पांचों शव बरामद किए गए। मृतकों में सात और 11 वर्ष के दो बच्चे, एक 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला और करीब 30 वर्ष आयु के दो युवक शामिल हैं। दोनों युवक उसी इमारत में काम करते थे और बच्चों व महिला को बचाने के लिए अंदर गए थे, लेकिन आग के विकराल रूप लेने के कारण बाहर नहीं निकल सके।
अधिकारियों ने बताया कि दोनों बच्चे इमारत के सुरक्षा गार्ड के बेटे थे, जिनका परिवार बेसमेंट में रहता था। घटना के समय सुरक्षा गार्ड और उसकी पत्नी बाहर थे। मृत बुजुर्ग महिला कर्नाटक के कलबुर्गी जिले की निवासी थी और इमारत में सफाईकर्मी-सह-सुरक्षाकर्मी के रूप में कार्यरत थी। वह भी बेसमेंट में ही रहती थी।
तेलंगाना के राजस्व मंत्री पी. श्रीनिवास रेड्डी ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की और घटना की गहन जांच का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
तेलंगाना अग्निशमन, आपदा प्रतिक्रिया, आपातकालीन एवं नागरिक सुरक्षा विभाग के महानिदेशक विक्रम सिंह मान ने बताया कि मामले में अग्नि सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन सामने आया है। उनके अनुसार, इमारत के दोनों बेसमेंट में फर्नीचर, रसायन, प्लास्टिक, रेक्सिन, कपड़ा और फोम के गद्दों जैसी ज्वलनशील सामग्री रखी गई थी, जबकि बेसमेंट का उपयोग केवल पार्किंग के लिए किया जाना चाहिए। इसके अलावा, बेसमेंट में परिवारों को रहने की अनुमति दी गई थी।
मान ने कहा कि अत्यधिक धुएं के कारण दम घुटने से मौत होने की आशंका है। फर्नीचर शोरूम के मालिक द्वारा बेसमेंट में फर्नीचर और कच्चा माल कथित तौर पर अवैध रूप से जमा किया गया था। आग लगने के कारणों में शॉर्ट सर्किट या बेसमेंट में रहने वाले परिवार द्वारा इस्तेमाल की जा रही रसोई गैस की संभावना जताई जा रही है। सभी पहलुओं की जांच जारी है।
अधिकारियों के अनुसार, शनिवार दोपहर 1:41 बजे आग की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस, अग्निशमन विभाग, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और हैदराबाद आपदा मोचन एवं संपत्ति संरक्षण एजेंसी (एचवाईडीआरएए) ने संयुक्त रूप से बचाव कार्य किया। आग पर काबू पा लिया गया था, लेकिन घने धुएं और बेसमेंट के रास्तों में फर्नीचर व कच्चे माल के ढेर के कारण बचाव कार्य में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। अभियान के दौरान दमकल वाहन, स्काईलिफ्ट और अग्निशमन रोबोट का भी इस्तेमाल किया गया।
पुलिस ने फर्नीचर शोरूम के मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है।
