इंस्टाग्राम अलर्ट से बची युवक की जान, यूपी पुलिस की त्वरित कार्रवाई बनी जीवन रक्षक

यूपी पुलिस

लखनऊ/भदोही। उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में सोशल मीडिया मॉनिटरिंग और त्वरित पुलिस कार्रवाई के चलते एक 22 वर्षीय युवक की जान बच गई। युवक ने आत्महत्या के इरादे से इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसके बाद मेटा कंपनी से मिले अलर्ट के आधार पर पुलिस ने समय रहते हस्तक्षेप किया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बृहस्पतिवार रात औराई थाना क्षेत्र के निवासी युवक ने इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट कर दावा किया कि उसने नींद की गोलियां खा ली हैं। वीडियो में युवक ने भावुक संदेश देते हुए कहा कि वह मर भी गया तो किसी को चिंता नहीं करनी चाहिए। इस पोस्ट को गंभीर मानते हुए मेटा कंपनी ने रात करीब सवा 11 बजे उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक मुख्यालय स्थित सोशल मीडिया सेंटर को ई-मेल के माध्यम से अलर्ट भेजा।

पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण के निर्देश पर सोशल मीडिया सेंटर ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अलर्ट में उपलब्ध मोबाइल नंबर के आधार पर युवक की लोकेशन ट्रेस की और जानकारी भदोही पुलिस को भेजी। सूचना मिलते ही औराई थाने की पुलिस टीम महज सात मिनट के भीतर युवक के घर पहुंच गई।

पुलिस ने युवक को उसके कमरे में असहज अवस्था में पाया, जहां वह उल्टियां कर रहा था। बिना समय गंवाए पुलिसकर्मियों ने उसे नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों की तत्परता से उपचार शुरू किया गया, जिससे युवक की जान बच सकी।

होश में आने के बाद युवक ने पुलिस को बताया कि वह नई मोटरसाइकिल खरीदना चाहता था, लेकिन कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण परिजनों द्वारा मना किए जाने से वह अवसाद में चला गया था। इसी मानसिक तनाव में उसने आत्महत्या का कदम उठाने का विचार किया।

पुलिस द्वारा युवक की काउंसलिंग कराई गई, जिसके बाद उसने भविष्य में ऐसा कोई कदम न उठाने का आश्वासन दिया। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को भी समझाइश दी और युवक को भावनात्मक सहयोग देने की अपील की।

पुलिस मुख्यालय के अनुसार, वर्ष 2022 से उत्तर प्रदेश पुलिस और मेटा कंपनी के बीच एक समन्वित व्यवस्था लागू है, जिसके तहत फेसबुक और इंस्टाग्राम पर आत्महत्या से जुड़े पोस्ट सामने आने पर मेटा कंपनी पुलिस को ई-मेल और फोन के माध्यम से तत्काल अलर्ट भेजती है। इस व्यवस्था के तहत 1 जनवरी 2023 से 20 जनवरी 2026 के बीच यूपी पुलिस अब तक 1,915 लोगों की जान बचा चुकी है।

यह घटना सोशल मीडिया निगरानी, तकनीकी सहयोग और पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया के प्रभावी समन्वय का एक महत्वपूर्ण उदाहरण मानी जा रही है।

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