लखनऊ, 20 जनवरी । समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को दावा किया कि सोने और चांदी की कीमतों में तेज़ उछाल भ्रष्ट तरीकों से अर्जित नकदी को बहुमूल्य धातुओं में बदलने की प्रक्रिया है, जिसे उन्होंने “भ्रष्ट भाजपाई अर्थव्यवस्था की नई अवधारणा” करार दिया।
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि भाजपा शासन में “भ्रष्टाचार का ठोसीकरण” हो रहा है, जहां कीमतें बढ़ने के बावजूद मांग घटती नहीं, बल्कि और बढ़ जाती है। उन्होंने लिखा, “भ्रष्ट-भाजपाई अर्थव्यवस्था की नई अवधारणा—भ्रष्टाचार का ठोसीकरण, यानी भ्रष्ट उपायों से कमाए गए नकद धन को बहुमूल्य धातुओं में बदलना।”
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि बहुमूल्य धातुओं के दाम बढ़ने से घरों, मोहल्लों और बाजारों में चोरी, सेंधमारी, लूट, राहजनी और छिनैती जैसी घटनाएं बढ़ जाती हैं, जिससे अतिरिक्त सुरक्षा बलों की आवश्यकता पड़ती है। उन्होंने कहा कि इससे पहले से ही कमजोर पुलिस व्यवस्था पर और दबाव पड़ता है, नतीजतन पुलिसिंग निष्क्रिय होती जाती है और अपराधियों की सक्रियता बढ़ती है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “अगर विश्वास न हो तो एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) की मदद से इस मूल्य वृद्धि का विश्लेषण करा लिया जाए।”
उल्लेखनीय है कि मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर चांदी के वायदा भाव में मंगलवार को लगभग छह प्रतिशत यानी 16,438 रुपये की तेजी आई और यह 3,04,200 रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। वहीं, फरवरी अनुबंध के लिए सोने का भाव 2,983 रुपये या 2.09 प्रतिशत बढ़कर 1,45,500 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। पिछले सप्ताह एमसीएक्स पर सोने के भाव में 3,698 रुपये यानी 2.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी।
