भुवनेश्वर, 20 जनवरी — ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर के व्यस्त ‘यूनिट-1’ बाजार में सोमवार देर रात भीषण आग लगने से 40 से अधिक दुकानें और कुछ ठेले जलकर खाक हो गए। इस हादसे में लाखों रुपये का सामान नष्ट हो गया, हालांकि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
पुलिस के अनुसार, आग रात करीब डेढ़ बजे लगी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 13 से अधिक गाड़ियां और लगभग 80 कर्मी मौके पर पहुंचे। आग पर काबू पाने में कई घंटे लगे। मुख्य अग्निशमन अधिकारी रमेश चंद्र माझी ने बताया कि दुकानें एक-दूसरे के बेहद करीब स्थित होने और कर्मियों व उपकरणों की आवाजाही के लिए पर्याप्त जगह न होने के कारण आग बुझाने में भारी कठिनाई आई।
दमकल विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि घटना के समय दो लोग एक दुकान में सो रहे थे, लेकिन वे समय रहते बाहर निकलने में सफल रहे, जिससे उनकी जान बच गई।
सुबह के समय भुवनेश्वर की महापौर सुलोचना दास और भुवनेश्वर नगर निगम (बीएमसी) के आयुक्त चंचल राणा ने घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। महापौर दास ने कहा कि दुकानों के निर्माण में प्लास्टिक सामग्री का अत्यधिक उपयोग किया गया था, जिससे आग तेजी से फैल गई। उन्होंने यह भी कहा कि बाजार के एक छोटे से क्षेत्र में बड़ी संख्या में दुकानें होने के कारण यहां अक्सर आग लगने की घटनाएं होती रहती हैं।
बीएमसी आयुक्त चंचल राणा ने पत्रकारों से कहा कि आग में करीब 40 दुकानें और कुछ ठेले पूरी तरह नष्ट हो गए हैं। नुकसान का आकलन करने के लिए नगर निगम की आपातकालीन टीम और तहसीलों की दो टीमें तैनात की गई हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रभावित दुकानदारों को सरकार की ओर से आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी।
राणा ने यह भी जानकारी दी कि विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) ने हाल ही में बाजारों में आग से बचाव के विशेष उपायों के लिए 20 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की है।
आग के बाद क्षेत्र में सफाई और मलबा हटाने के कार्य के मद्देनज़र यूनिट-1 बाजार को दिन भर के लिए बंद कर दिया गया। प्रशासन ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अग्नि सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने के संकेत दिए हैं।
