जलालाबाद में नए टैक्स के विरोध में नगर पालिका कार्यालय का घेराव, एक सप्ताह में जवाब न मिलने पर हाईकोर्ट जाने की चेतावनी

शाहजहांपुर। जनपद के जलालाबाद में नगर पालिका द्वारा भवनकर और जलकर में की गई भारी वृद्धि के विरोध में सोमवार को नागरिकों, अधिवक्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने नगर पालिका कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने नए टैक्स को तत्काल वापस लेने की मांग करते हुए जोरदार नारेबाजी की और इसे जनविरोधी करार दिया।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि नगर पालिका ने उत्तर प्रदेश शासन की हालिया अधिसूचना का उल्लंघन करते हुए मनमाने ढंग से टैक्स लागू कर दिया है। उनका कहना है कि टैक्स निर्धारण से पहले गजट में प्रकाशन, स्व-निर्धारण प्रपत्रों का वितरण, संपत्ति का विधिवत वर्गीकरण और कर दरों का सार्वजनिक प्रकाशन जैसे अनिवार्य प्रावधानों का पालन नहीं किया गया।

घेराव के दौरान वक्ताओं ने यह भी कहा कि नगर की अधिकांश सड़कें चार मीटर चौड़ी हैं, जबकि शासन की अधिसूचना में नौ मीटर से कम चौड़ी सड़कों के संदर्भ में कर निर्धारण को लेकर स्पष्ट प्रावधान नहीं हैं। ऐसे में टैक्स वसूली को पूरी तरह मनमाना और नियमों के विपरीत बताया गया।

घटना की जानकारी मिलते ही अधिशासी अधिकारी (ईओ) एच.एन. उपाध्याय और नगर पालिका चेयरमैन शकील अहमद खान मौके पर पहुंचे। ईओ ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि नए टैक्स की वसूली फिलहाल स्थगित कर दी गई है और पुराने मानकों के अनुसार ही कर वसूली की जाएगी। उन्होंने कहा कि बोर्ड की बैठक के बाद पूरे मामले पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

प्रदर्शनकारियों ने ईओ से एक सप्ताह के भीतर लिखित जवाब देने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो वे इस मामले को लेकर उच्च न्यायालय की शरण लेंगे।

उल्लेखनीय है कि 14 से 29 जनवरी तक चले टैक्स वसूली कैंपों के दौरान भारी-भरकम टैक्स की रसीदें मिलने के बाद नगरवासियों में रोष फैल गया था, जिसके बाद यह विरोध प्रदर्शन सामने आया।
घेराव में गौरव प्रताप राठौर, एडवोकेट राकेश चंद्र श्रीवास्तव, गोपाल द्विवेदी, कृष्ण गोपाल अवस्थी, सुरेश जस्माना, सभासद गुजेश कटियार, सभासद रजत शर्मा सहित बड़ी संख्या में नागरिक और जनप्रतिनिधि शामिल रहे।

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