गोंडा मेडिकल कॉलेज में चूहों का वीडियो सामने आने के बाद जांच के लिए पहुंची टीम

गोंडा (उप्र), 18 जनवरी । गोंडा जिले के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चूहों के इधर-उधर घूमने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के एक दिन बाद उत्तर प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा विभाग की एक टीम रविवार को संस्थान का निरीक्षण करने पहुंची।

अधिकारियों के अनुसार, यह टीम उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के निर्देश पर गोंडा पहुंची और मेडिकल कॉलेज के विभिन्न वार्डों में स्वच्छता, मरीजों की सुविधाओं तथा समग्र व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया।

कुछ दिन पहले वायरल हुए वीडियो में ऑर्थोपेडिक वार्ड में चूहों को ऑक्सीजन पाइपलाइन और मरीजों के बिस्तरों के आसपास घूमते हुए देखा गया था। वीडियो सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं ने मेडिकल कॉलेज की स्थिति पर सवाल उठाए थे।

जांच टीम का नेतृत्व कर रहीं निदेशक (चिकित्सा देखभाल) डॉ. संदीपा श्रीवास्तव ने बताया कि राज्य सरकार ने उन्हें मेडिकल कॉलेज का दौरा कर पूरी घटना पर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए थे।

उन्होंने कहा कि रविवार को ओपीडी बंद रहने के बावजूद टीम ने ऑर्थोपेडिक वार्ड सहित अन्य वार्डों का निरीक्षण किया और मौजूदा व्यवस्थाओं की जानकारी जुटाई।
डॉ. श्रीवास्तव ने कहा, “निरीक्षण के दौरान जो तथ्य सामने आए हैं, उन्हें संकलित किया जा रहा है और जल्द ही सरकार को रिपोर्ट सौंपी जाएगी।”

वीडियो वायरल होने के बाद सरकार ने मामले का कड़ा संज्ञान लेते हुए संबंधित वार्ड के पूरे स्टाफ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था।

जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने भी मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया था और निर्देश दिए थे कि ओपीडी सेवाओं को जल्द से जल्द नव-निर्मित बहुमंजिला इमारत में स्थानांतरित किया जाए।

चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डी.एन. सिंह ने बताया कि 19 जनवरी से लगभग सभी ओपीडी सेवाएं नई इमारत से संचालित की जाएंगी। उन्होंने यह भी कहा कि भर्ती मरीजों के लिए “एक मरीज, एक तीमारदार” प्रणाली लागू की जाएगी।

इस बीच, चूहों की घटना की जांच पूरी होने से पहले ही सोशल मीडिया पर कथित तौर पर मेडिकल कॉलेज का एक और वीडियो सामने आया, जिसमें एक मरीज के बगल में बिस्तर पर तीन कुत्ते बैठे नजर आ रहे हैं। हालांकि दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो उसी मेडिकल कॉलेज का है, लेकिन घटना के समय और संबंधित वार्ड की पुष्टि नहीं हो सकी है।

मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनिल तिवारी ने कहा कि बिस्तरों पर कुत्तों के बैठने की घटना उनके संज्ञान में नहीं है।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *