संविदा परिचालकों का हजरतगंज में प्रदर्शन, पुलिस ने हिरासत में लेकर भेजा ईको गार्डन

लखनऊ, 06 जून (यूएनएस)। राजधानी लखनऊ में शनिवार को हजरतगंज स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल प्रतिमा स्थल पर दुबग्गा डिपो के संविदा परिचालकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए परिवहन विभाग और सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। बाद में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेज दिया।

प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मांगों पर लंबे समय से कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इसके विरोध में वे पिछले कई दिनों से दुबग्गा डिपो में कार्य बहिष्कार कर रहे थे। जब उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो उन्होंने हजरतगंज पहुंचकर प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन कर रहे अमित सिंह ने बताया कि दुबग्गा डिपो के संविदा कर्मचारियों का विलय निजी कंपनी एसएस एंटरप्राइजेज में किए जाने की प्रक्रिया चल रही है, जिसका कर्मचारी विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी चालक या परिचालक की इच्छा निजी कंपनी के अधीन काम करने की नहीं है। उनका कहना है कि संविदा के आधार पर भर्ती किए गए कर्मचारियों को निजी कंपनी के हवाले करना उनके अधिकारों के साथ अन्याय है।

निजी कंपनी में विलय के विरोध में सड़क पर उतरे कर्मचारी, मांगें पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी

उन्होंने बताया कि सिटी बस सेवा से जुड़े 200 से अधिक संविदा परिचालक कई दिनों से हड़ताल पर हैं, जिससे शहर के लगभग 22 प्रमुख मार्गों पर बस संचालन प्रभावित हो रहा है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

प्रदर्शनकारी विकास ने कहा कि संविदा कर्मचारियों को पहले से ही कम वेतन और सीमित सुविधाएं मिल रही हैं। ऐसे में निजी कंपनी के अधीन काम करने से उनके शोषण की आशंका और बढ़ जाएगी। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के अधिकारों का लगातार हनन किया जा रहा है, जिसके विरोध में सभी परिचालक सड़क पर उतरने को मजबूर हुए हैं।

कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उनकी समस्याओं की अनदेखी किए जाने के कारण कुछ साथी मुख्यमंत्री आवास के बाहर आत्मदाह का प्रयास करने पहुंचे थे, जिन्हें हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया। उन्होंने मांग की कि गिरफ्तार कर्मचारियों को तत्काल रिहा किया जाए और उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि विरोध की आवाज उठाने पर मुकदमे दर्ज करने और जेल भेजने की कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं होगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

उधर, पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेज दिया। मामले को लेकर परिवहन विभाग या प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

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