शाहजहांपुर। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़े प्रकरण को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया और प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच की मांग की। पार्टी पदाधिकारियों ने कहा कि यदि किसी संत या उनके अनुयायियों के साथ कथित दुर्व्यवहार हुआ है, तो दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
जिलाध्यक्ष रजनीश गुप्ता उर्फ मुन्ना के नेतृत्व में कार्यकर्ता पहले पार्टी कार्यालय में एकत्र हुए, जहां बैठक कर आगे की रणनीति तय की गई। इसके बाद जुलूस के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखीं। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि धार्मिक स्वतंत्रता संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकार है और किसी भी धार्मिक व्यक्तित्व के सम्मान से जुड़ा विषय अत्यंत संवेदनशील होता है। ऐसे मामलों में प्रशासन को त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई कर सामाजिक विश्वास बनाए रखना चाहिए।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कर तथ्य सार्वजनिक किए जाएं, ताकि किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति न रहे। पार्टी प्रतिनिधियों ने यह भी मांग की कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस नीतिगत कदम उठाए जाएं और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। कांग्रेस पदाधिकारियों ने कहा कि पारदर्शी जांच से ही न्याय सुनिश्चित होगा और सामाजिक सौहार्द को बल मिलेगा।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखी और प्रशासन से संवेदनशीलता के साथ मामले को देखने की अपील की। इस अवसर पर रामजी अवस्थी, शोभित मिश्रा, पवन सिंह, संजय सक्सेना और अफजल खां सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे। ज्ञापन प्राप्त करने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि प्रस्तुत मांगों को शासन स्तर तक भेजा जाएगा और नियमों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जनभावनाओं से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और निष्पक्षता सर्वोपरि होनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि जांच प्रक्रिया को समयबद्ध ढंग से पूरा कर रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए, ताकि आमजन के बीच विश्वास कायम रहे। पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया कि वह इस मुद्दे पर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाती रहेगी और न्याय मिलने तक जनहित के सवालों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
