CJP प्रदर्शन का 33वां दिन: दिल्ली के 16 मेट्रो स्टेशन बंद, सरकार ने फिर भेजा बातचीत का प्रस्ताव

राजधानी दिल्ली में CJP के प्रदर्शन के 33वें दिन सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई। एहतियातन 16 मेट्रो स्टेशन अस्थायी रूप से बंद किए गए। केंद्र सरकार ने दूसरी बार बातचीत का प्रस्ताव भेजा है, जबकि CJP ने कहा है कि कोर कमेटी विचार-विमर्श के बाद निर्णय लेगी।

नई दिल्ली, 22 जुलाई 2026। राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में जारी आंदोलन बुधवार को 33वें दिन भी जारी रहा। जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों के जुटने के बीच सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व स्तर पर पहुंचा दी गई। एहतियातन दिल्ली मेट्रो के 16 स्टेशनों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया, जबकि संसद और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए।

इसी बीच केंद्र सरकार ने प्रदर्शनकारियों के साथ गतिरोध समाप्त करने के लिए दूसरी बार बातचीत का प्रस्ताव भेजा है। CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि संगठन की कोर कमेटी प्रस्ताव के सभी पहलुओं पर विचार करेगी और सामूहिक सहमति के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की 20 अतिरिक्त कंपनियां दिल्ली भेजने का फैसला किया है। प्रत्येक कंपनी में लगभग 100 जवान हैं। गृह मंत्रालय के निर्देश पर इन जवानों की तैनाती संसद के मानसून सत्र और राजधानी में जारी प्रदर्शनों को देखते हुए की जा रही है। इससे पहले भी दिल्ली पुलिस की सहायता के लिए रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और अन्य केंद्रीय बल पहले से तैनात हैं।

दिल्ली पुलिस ने हाल ही में संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा के संबंध में विभिन्न थानों में कुल 10 एफआईआर दर्ज की हैं। पुलिस का आरोप है कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों पर पथराव किया, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और ड्यूटी में बाधा पहुंचाई। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, ड्रोन वीडियो और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।

उधर, जंतर-मंतर पर कथित पुलिस कार्रवाई के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई प्रस्तावित है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि 18 जुलाई को शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर अत्यधिक बल प्रयोग किया गया और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। याचिकाकर्ता ने अदालत से मांग की है कि सुनवाई पूरी होने तक सोनम वांगचुक और अन्य प्रदर्शनकारियों के खिलाफ किसी भी प्रकार की जबरन कार्रवाई पर रोक लगाई जाए।

सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह ने मंगलवार देर रात गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में भर्ती सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से मुलाकात की। वांगचुक 28 जून से अनशन पर हैं और दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश के बाद उन्हें सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल स्थानांतरित किया गया था। माना जा रहा है कि सरकार और आंदोलनकारियों के बीच संभावित बातचीत में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।

सरकार की ओर से दूसरी बार बातचीत की पहल के बाद राजनीतिक हलकों में गतिरोध समाप्त होने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि CJP ने स्पष्ट किया है कि अंतिम फैसला संगठन की कोर कमेटी की बैठक के बाद ही लिया जाएगा। वहीं, संसद का मानसून सत्र जारी रहने के बीच राजधानी में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।

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