पहले पहचान के संकट से जूझ रहा था चित्रकूट, अब विकास और आस्था का वैश्विक केंद्र बनेगा: योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री बोले- 2017 से पहले उपेक्षा और अव्यवस्था का था माहौल, अब पर्यटन, कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे में तेजी से हो रहा विकास

चित्रकूट/लखनऊ, 8 जुलाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को चित्रकूट दौरे के दौरान कहा कि धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण चित्रकूट आज विकास, आस्था और पर्यटन के नए केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र विश्वभर के श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करने की क्षमता हमेशा से रखता था, लेकिन पिछली सरकारों की उपेक्षा के कारण इसकी पहचान प्रभावित हुई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले चित्रकूट में भय, अव्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं की कमी का वातावरण था। लोग यहां आने से कतराते थे और क्षेत्र में बेहतर सड़क, परिवहन तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं का अभाव था।

उन्होंने कहा, “जब भी मैं 2017 से पहले चित्रकूट आता था, यहां उपेक्षा और अव्यवस्था साफ दिखाई देती थी। लेकिन आज चित्रकूट का स्वरूप पूरी तरह बदल चुका है और विकास के कार्य हर ओर दिखाई दे रहे हैं।”

पर्यटन और कनेक्टिविटी को मिल रही नई गति

योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी से मिर्जापुर होते हुए चित्रकूट तक के मार्ग का उल्लेख करते हुए कहा कि अब पूरे क्षेत्र में बुनियादी ढांचे का तेजी से विकास हुआ है, जिससे चित्रकूट अपनी वास्तविक पहचान पुनः प्राप्त कर रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार चित्रकूट को धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों का भी महत्वपूर्ण केंद्र बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

पहाड़ी की चोटी पर बन रहा एयरपोर्ट

मुख्यमंत्री ने चित्रकूट में निर्माणाधीन एयरपोर्ट परियोजना का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में पहाड़ी की चोटी पर एयरपोर्ट का निर्माण एक अनूठी उपलब्धि है और यह केवल चित्रकूट में संभव हो सका है।

उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट बनने के बाद देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे स्थानीय रोजगार, व्यापार और पर्यटन को नई गति मिलेगी।

ऐतिहासिक और धार्मिक गरिमा के अनुरूप होगा विकास

मुख्यमंत्री ने कहा कि चित्रकूट लंबे समय से व्यापक विकास का अधिकारी रहा है। राज्य सरकार इस धार्मिक नगरी को उसकी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक गरिमा के अनुरूप विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य चित्रकूट को ऐसा वैश्विक आध्यात्मिक और पर्यटन केंद्र बनाना है, जहां आधुनिक सुविधाओं के साथ इसकी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत भी सुरक्षित रहे।

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