राघव चड्ढा को केंद्र ने दी जेड श्रेणी सुरक्षा, दिल्ली-पंजाब में मिलेंगे अर्धसैनिक बल

नई दिल्ली, 15 अप्रैल 2026। गृह मंत्रालय ने आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को जेड श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की है। सूत्रों के अनुसार खुफिया ब्यूरो (आईबी) की ओर से मिली खतरे की आशंका संबंधी रिपोर्ट के आधार पर यह निर्णय लिया गया है। अब राघव चड्ढा को दिल्ली और पंजाब में अर्धसैनिक बलों द्वारा सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।

जानकारी के मुताबिक, जेड श्रेणी सुरक्षा के तहत सशस्त्र सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाती है, जो संबंधित व्यक्ति की चौबीसों घंटे सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं।

इधर, आम आदमी पार्टी के भीतर भी राघव चड्ढा को लेकर असंतोष के स्वर सामने आए हैं। पार्टी के कुछ नेताओं ने उन पर संसद में पंजाब से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रभावी ढंग से नहीं उठाने का आरोप लगाया था। इस संबंध में पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, राज्य अध्यक्ष अमन अरोड़ा और पार्टी नेता कुलदीप सिंह ढींगरा ने संयुक्त बयान जारी कर नाराजगी जताई थी।

नेताओं ने कहा था कि राघव चड्ढा की कई अहम मुद्दों पर चुप्पी निराशाजनक रही है। हरपाल सिंह चीमा ने विशेष रूप से ग्रामीण विकास निधि के लगभग 8,500 करोड़ रुपये लंबित होने और जीएसटी से जुड़े करीब 60,000 करोड़ रुपये के नुकसान का मुद्दा उठाया। इसके अलावा उन्होंने जीएसटी मुआवजे में बदलाव और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत धन की कमी का भी जिक्र किया।

पार्टी ने पहले ही राघव चड्ढा को राज्यसभा में उपनेता पद से हटा दिया था, जिसके बाद यह विवाद और गहरा गया। हालांकि, राघव चड्ढा ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि उनके खिलाफ एक सुनियोजित अभियान चलाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि एक ही तरह की भाषा में बार-बार आरोप लगाए जा रहे हैं, जिससे झूठ को सच साबित करने की कोशिश की जा रही है। चड्ढा ने यह भी कहा कि जब भी विपक्ष ने सदन से वॉकआउट किया, वह भी उसमें शामिल रहे हैं और इसकी पुष्टि संसद की सीसीटीवी फुटेज से की जा सकती है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के प्रस्ताव पर आम आदमी पार्टी के किसी भी नेता ने हस्ताक्षर नहीं किए थे। अंत में उन्होंने फिल्मी अंदाज में कहा, “घायल हूं, इसलिए घातक हूं।”

कुल मिलाकर, एक ओर जहां केंद्र सरकार ने उनकी सुरक्षा बढ़ाई है, वहीं दूसरी ओर पार्टी के भीतर उठ रहे सवालों ने राघव चड्ढा को राजनीतिक रूप से चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

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