प्रशिक्षण निदेशालय में बड़ी कार्रवाई, सहायक निदेशक और प्रधान सहायक निलंबित

लखनऊ, 29 मई 2026 (यूएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता विभाग के प्रशिक्षण निदेशालय में भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग के आरोपों के बाद बड़ी कार्रवाई की गई है। विभाग में तैनात सहायक निदेशक धीरेंद्र कुमार और प्रधान सहायक इमरान अहमद को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

दोनों अधिकारियों पर भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी, कर्मचारियों के उत्पीड़न और पद के दुरुपयोग जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मामले में विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।

प्रमुख सचिव ने की कार्रवाई

जानकारी के अनुसार, विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम ने शिकायतों और प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करते हुए दोनों अधिकारियों के निलंबन के आदेश जारी किए।

शिकायतों में आरोप लगाया गया था कि ट्रांसफर सीजन के दौरान विभाग में बड़े पैमाने पर अवैध वसूली की जा रही थी।

ट्रांसफर और बजट के नाम पर कमीशन मांगने का आरोप

सहायक निदेशक धीरेंद्र कुमार पर आरोप है कि उन्होंने स्थानांतरण और बजट आवंटन के नाम पर कर्मचारियों तथा संबंधित लोगों से 10 प्रतिशत तक कमीशन की मांग की। शासन स्तर पर हुई प्रारंभिक जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए।

इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2024-25 में आईटीआई संस्थानों के लिए मशीनों, उपकरणों और साज-सज्जा सामग्री की खरीद में भी अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। शिकायतों में कहा गया कि विभागीय बजट का दुरुपयोग किया गया, जिससे विकास कार्य प्रभावित हुए।

कार्रवाई के तहत धीरेंद्र कुमार को निलंबित कर देवीपाटन मंडल से संबद्ध कर दिया गया है।

प्रधान सहायक पर कर्मचारियों के उत्पीड़न के आरोप

प्रधान सहायक इमरान अहमद पर कर्मचारियों के उत्पीड़न, धार्मिक भेदभाव और गिरोहबंद तरीके से काम करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। विभागीय जांच में यह भी सामने आया कि कर्मचारियों पर दबाव बनाकर उनसे अनुचित कार्य कराए जाते थे।

अभिषेक सिंह ने कार्रवाई करते हुए इमरान अहमद को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

फर्जी शिकायतों के जरिए वसूली का भी आरोप

विभागीय सूत्रों के मुताबिक, इमरान अहमद पर अलग-अलग नामों से विभाग में शिकायतें करवाने और बाद में उन्हीं शिकायतों के निस्तारण के नाम पर मोटी रकम वसूलने के आरोप भी लगे हैं।

इस खुलासे के बाद प्रशिक्षण निदेशालय में हड़कंप मच गया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की विस्तृत जांच कराई जा रही है और दोषी पाए जाने पर आगे भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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