जनता की पीड़ा जैसे-जैसे बढ़ेगी, पीडीए और मजबूत होगा: अखिलेश यादव

लखनऊ, 22 फरवरी: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था, विकास योजनाओं और शासन व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार और कुशासन बढ़ा है तथा जनता की पीड़ा जितनी बढ़ेगी, पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक (पीडीए) की एकजुटता उतनी ही मजबूत होगी।

पार्टी मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में यादव ने राज्य की भारतीय जनता पार्टी नीत सरकार के विकास संबंधी दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि आम लोगों को जमीनी स्तर पर कोई ठोस बदलाव दिखाई नहीं दे रहा है। उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे की कई परियोजनाओं में गंभीर अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ रही हैं और भ्रष्टाचार सीधे तौर पर जनता को प्रभावित कर रहा है।

यादव ने जल आपूर्ति परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि खराब गुणवत्ता के कारण कई स्थानों पर पानी की टंकियां फटने की घटनाएं हुई हैं। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के नाम पर जनता के संसाधनों का दुरुपयोग किया जा रहा है और यह स्थिति शासन की प्राथमिकताओं पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी सामाजिक न्याय और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों की रक्षा के लिए पीडीए की अवधारणा को मजबूत करने पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी समाज के वंचित वर्गों को साथ लेकर लोकतांत्रिक व्यवस्था को सशक्त बनाने का प्रयास कर रही है।

यादव ने राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रस्तावित जापान यात्रा पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि सरकार को विदेश यात्राओं के बजाय प्रदेश के अधूरे विकास कार्यों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने वाराणसी को क्योटो जैसा शहर बनाने के पुराने वादे का उल्लेख करते हुए कहा कि जनता अब ठोस परिणाम देखना चाहती है।

सपा प्रमुख ने केंद्र की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की लागत में वृद्धि पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बड़े बुनियादी ढांचा प्रकल्पों की वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनहित के मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए प्रचार और ब्रांडिंग पर अधिक जोर दे रही है।

यादव ने यह भी आरोप लगाया कि सोशल मीडिया के माध्यम से भ्रामक सामग्री प्रसारित कर समाज में विभाजन पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति को सम्मान मिलना चाहिए और राजनीतिक प्रतिस्पर्धा स्वस्थ तरीके से होनी चाहिए।

उन्होंने विपक्षी नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव को लेकर भी चिंता जताई और इसे राजनीतिक दबाव की रणनीति बताया। इसके साथ ही उन्होंने पर्यावरणीय मुद्दों पर सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि औद्योगिक अपशिष्ट और जल प्रदूषण से नदियों की स्थिति प्रभावित हो रही है।

अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश के युवाओं, किसानों और छोटे व्यापारियों की वास्तविक समस्याओं का समाधान ही किसी भी सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी जनता के मुद्दों को लेकर सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेगी और सामाजिक न्याय आधारित राजनीति को आगे बढ़ाएगी।

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