ट्रकों की आवाजाही के लिए बनेगा मास्टर प्लान, सात दिन का सर्वे शुरू

नोएडा, 23 जून 2026 (यूएनएस)। नोएडा में बढ़ती औद्योगिक गतिविधियों, लॉजिस्टिक जरूरतों और भविष्य में माल परिवहन के बढ़ते दबाव को देखते हुए नोएडा प्राधिकरण ने ट्रकों की आवाजाही को सुव्यवस्थित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत शहर के लिए सिटी लॉजिस्टिक प्लान (सीएलपी) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। योजना के तहत सात दिवसीय विशेष सर्वेक्षण अभियान शुरू किया गया है, जिसमें ट्रकों की आवाजाही, माल ढुलाई और औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़े यातायात पैटर्न का विस्तृत अध्ययन किया जाएगा।

केंद्र सरकार की पहल पर देश के 25 राज्यों के 100 से अधिक शहरों के लिए सिटी लॉजिस्टिक प्लान तैयार किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश से नोएडा, वाराणसी और मुरादाबाद को इस महत्वाकांक्षी योजना में शामिल किया गया है। नोएडा में सर्वेक्षण कार्य को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए प्राधिकरण ने दो अलग-अलग टीमों का गठन किया है।

पहली टीम शहर के प्रमुख प्रवेश और निकास मार्गों पर ट्रकों की आवाजाही का अध्ययन कर रही है। यह टीम विशेष रूप से व्यस्त समय के दौरान वाहनों की संख्या, उनकी आवाजाही के समय और यातायात पर उनके प्रभाव का आंकलन करेगी। दूसरी टीम औद्योगिक क्षेत्रों में जाकर माल परिवहन से जुड़े आंकड़े एकत्र कर रही है। इसके तहत यह जानकारी जुटाई जा रही है कि प्रतिदिन कितने ट्रक विभिन्न जिलों और राज्यों से नोएडा पहुंचते हैं तथा उनका उपयोग किन औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों में किया जाता है।

प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार सात दिनों तक चौबीस घंटे के आधार पर आंकड़े एकत्र किए जाएंगे। इसके बाद विस्तृत विश्लेषण कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसे शासन के माध्यम से केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। इस रिपोर्ट के आधार पर शहर की लॉजिस्टिक जरूरतों के अनुरूप दीर्घकालिक योजना तैयार की जाएगी।

सिटी लॉजिस्टिक प्लान की निगरानी के लिए नोएडा प्राधिकरण ने एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। समिति की अध्यक्षता अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी करेंगे, जबकि इसमें सिविल, नियोजन और औद्योगिक विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है। सर्वेक्षण रिपोर्ट पहले एसीईओ और उसके बाद मुख्य कार्यपालक अधिकारी के माध्यम से शासन को भेजी जाएगी।

योजना का मुख्य उद्देश्य शहर में माल परिवहन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना और ट्रकों की आवाजाही के कारण उत्पन्न होने वाली यातायात समस्याओं को कम करना है। वर्तमान में कई औद्योगिक क्षेत्रों में ट्रकों की अधिक संख्या के कारण जाम की समस्या सामने आती है, जिससे आम नागरिकों के साथ-साथ उद्योगों को भी परेशानी होती है। प्रस्तावित योजना के माध्यम से ऐसे मार्गों और व्यवस्थाओं की पहचान की जाएगी, जिनसे माल परिवहन तेज, सुरक्षित और सुगम हो सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी समय में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन शुरू होने के बाद माल ढुलाई और लॉजिस्टिक गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। ऐसे में औद्योगिक क्षेत्रों से एयरपोर्ट तक निर्बाध परिवहन नेटवर्क विकसित करना आवश्यक हो जाएगा। सिटी लॉजिस्टिक प्लान इसी आवश्यकता को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है, ताकि भविष्य में बढ़ने वाले परिवहन दबाव का प्रभावी ढंग से प्रबंधन किया जा सके।

नोएडा प्राधिकरण का मानना है कि यह योजना न केवल औद्योगिक विकास को गति देगी, बल्कि शहर में यातायात व्यवस्था को भी अधिक व्यवस्थित और सुचारु बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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