नई दिल्ली के विशंभर दास रोड पर स्थित ब्रह्मपुत्र अपार्टमेंट, जहां कई सांसदों के आवास स्थित हैं, शनिवार दोपहर एक भीषण अग्निकांड का गवाह बना। अपार्टमेंट के सीपीडब्ल्यूडी पार्किंग एरिया में पड़े कूड़े और कबाड़ में अचानक आग लग गई, जिसने कुछ ही समय में विकराल रूप धारण कर लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि उसने इमारत की सातवीं और आठवीं मंजिल तक को अपनी चपेट में ले लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग सबसे पहले पार्किंग क्षेत्र में रखे कचरे में लगी थी। प्रारंभ में आग की लपटें सीमित थीं, लेकिन मौजूद कबाड़ और अन्य ज्वलनशील सामग्री के कारण लपटें तेजी से फैलती चली गईं। देखते ही देखते आग ने ऊपर की छह मंजिलों को घेर लिया। इन मंजिलों पर सांसदों के फ्लैट स्थित हैं, जबकि शुरू की तीन मंजिलों पर सर्वेंट क्वार्टर हैं। इस हादसे में फिलहाल तीन लोगों के झुलसने की खबर है, जबकि तीन अन्य को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंच चुकी हैं और आग बुझाने का काम तेजी से जारी है। हालांकि, इस बीच यह भी सामने आया कि आपात स्थिति में आग बुझाने के लिए जो आंतरिक फायर सेफ्टी सिस्टम अपार्टमेंट में लगा हुआ था, वह पूरी तरह निष्क्रिय पाया गया। सिस्टम में पानी की व्यवस्था नहीं थी, जिससे आग पर शुरुआती नियंत्रण नहीं पाया जा सका।
पुलिस अधिकारियों और स्थानीय निवासियों का आरोप है कि दमकल की गाड़ियां घटना स्थल पर करीब आधे घंटे की देरी से पहुंचीं, जिससे आग और भी भयंकर हो गई। देरी के कारण बचाव कार्यों में बाधा आई और आग के फैलाव को समय रहते रोका नहीं जा सका। हालांकि, दमकल विभाग ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए कई और यूनिट्स को मौके पर भेजा है ताकि आग को पूरी तरह से काबू में किया जा सके।
फिलहाल बचाव कार्य जारी है और अधिकारियों द्वारा इमारत की तलाशी ली जा रही है ताकि किसी भी व्यक्ति के फंसे होने की संभावना से इनकार न किया जा सके। आग के कारण हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है और जांच के आदेश भी दिए गए हैं कि आखिर इतनी गंभीर चूकें कैसे हुईं। सांसदों और स्थानीय नागरिकों ने घटना को बेहद गंभीर बताते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।
इस हादसे ने एक बार फिर से बहुमंजिला सरकारी भवनों की अग्निसुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।
