भारत अपनी संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा के लिए किसी भी सीमा तक जा सकता है: राजनाथ सिंह

हैदराबाद, 3 अक्टूबर : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को कहा कि भारत, अपनी एकता, अखंडता और नागरिकों की रक्षा के लिए किसी भी सीमा को पार करने से नहीं झिझकेगा। उन्होंने 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक, 2019 के बालाकोट एयर स्ट्राइक और हाल के ऑपरेशन सिंदूर का हवाला देते हुए कहा कि ये उदाहरण हैं कि भारत आतंकवाद का करारा जवाब देने में सक्षम है।

हैदराबाद में जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (जीतो) द्वारा आयोजित कार्यक्रम ‘जीतो कनेक्ट’ में बोलते हुए सिंह ने कहा कि पहलगाम हमले में निर्दोषों को धर्म के आधार पर मारा गया, जबकि भारत ने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए किसी सैन्य या नागरिक प्रतिष्ठान पर हमला नहीं किया।

उन्होंने कहा कि सरकार की सैन्य शक्ति बढ़ाने की मंशा प्रभुत्व के लिए नहीं, बल्कि धर्म और मानवीय मूल्यों की रक्षा के लिए है। सिंह ने कहा कि भारत अब आत्मनिर्भरता की दिशा में तेज़ी से बढ़ रहा है। रक्षा निर्यात, जो कभी ₹600 करोड़ था, अब ₹24,000 करोड़ से अधिक हो चुका है और 2029 तक ₹50,000 करोड़ का लक्ष्य है।

उन्होंने बताया कि सरकार ने HAL से 97 हल्के लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए समझौता किया है और भारत अब “खिलौनों से लेकर टैंक तक” का निर्माण कर रहा है। भारत 2030 तक तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है।

सिंह ने जैन समुदाय की प्रशंसा करते हुए कहा कि देश की 0.5% आबादी होते हुए भी वह 24% कर योगदान देता है।

कार्यक्रम में जी. किशन रेड्डी, डी. श्रीधर बाबू और एन. रामचंदर राव भी उपस्थित रहे।

Related Post

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *