दान राशि में कथित अनियमितता का मामला, शुरुआती जांच के बाद निलंबन; उत्तराखंड सरकार ने भी गठित की स्वतंत्र उच्चस्तरीय जांच समिति
जोशीमठ, 9 जुलाई। बद्रीनाथ धाम में दान राशि के प्रबंधन में कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) की शिकायत पर पुलिस ने समिति अध्यक्ष के निजी सचिव प्रमोद नौटियाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस बीच उत्तराखंड सरकार ने भी पूरे प्रकरण की स्वतंत्र जांच के लिए तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति गठित कर दी है।
मंदिर समिति के अधिकारी युद्धवीर पुष्पवान द्वारा बद्रीनाथ थाने में दी गई लिखित शिकायत के आधार पर बुधवार को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 306 और 316(5) के तहत एफआईआर दर्ज की गई।
सोशल मीडिया पर आरोपों के बाद शुरू हुई जांच
समिति की शिकायत के अनुसार, 2 जुलाई को सोशल मीडिया पर बद्रीनाथ मंदिर में दान राशि के प्रबंधन में कथित वित्तीय गड़बड़ियों से जुड़े आरोप सामने आए थे। इसके बाद मंदिर समिति ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय आंतरिक जांच समिति का गठन किया।
प्रारंभिक जांच में समिति को ऐसे तथ्य मिले, जिनसे संकेत मिला कि निजी सचिव प्रमोद नौटियाल ने कथित रूप से बिना सक्षम अनुमति के सुबह लगभग 9 बजे से 9:30 बजे के बीच मंदिर के दान कोष से धनराशि निकाली थी। इन शुरुआती निष्कर्षों के आधार पर समिति ने कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की।
7 जुलाई को किया गया निलंबित
प्रारंभिक जांच रिपोर्ट मिलने के बाद बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने 7 जुलाई को प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। समिति का कहना था कि उन्हें पद पर बनाए रखने से निष्पक्ष जांच प्रभावित हो सकती है और साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
एफआईआर का अर्थ दोष सिद्ध होना नहीं
पुलिस और मंदिर समिति दोनों ने स्पष्ट किया है कि एफआईआर दर्ज होने का अर्थ आरोपों का सिद्ध हो जाना नहीं है। मामले की विस्तृत जांच की जाएगी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
सरकार ने गठित की स्वतंत्र जांच समिति
मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने भी मंगलवार शाम स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। सरकार का कहना है कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ कराई जाएगी और यदि किसी स्तर पर वित्तीय अनियमितता या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सरकार ने निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश भी दिए हैं।
जांच पर टिकी सभी की निगाहें
बद्रीनाथ धाम देश के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में से एक है और यहां श्रद्धालुओं द्वारा बड़ी मात्रा में दान दिया जाता है। ऐसे में दान राशि के प्रबंधन से जुड़े इस मामले ने व्यापक चर्चा को जन्म दिया है। अब पुलिस जांच और सरकार द्वारा गठित उच्चस्तरीय समिति की रिपोर्ट पर सभी की निगाहें टिकी हैं, जिससे पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
