टिन्नू यादव से फोन पर बातचीत के दावे को अखिलेश ने बताया झूठ, निशिकांत दुबे को दी प्राथमिकी की चेतावनी

लखनऊ, 06 जुलाई 2026। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में गिरफ्तार रामशंकर उर्फ टिन्नू यादव से अपनी कथित फोन पर बातचीत के दावे को पूरी तरह झूठा और भ्रामक बताया है। उन्होंने इस संबंध में सोशल मीडिया पर टिप्पणी करने वाले झारखंड से भारतीय जनता पार्टी के सांसद डॉ. निशिकांत दुबे समेत सभी संबंधित लोगों को पोस्ट हटाने और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की चेतावनी दी है। साथ ही ऐसा न करने पर उनके खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराने की बात कही है।

दरअसल, भाजपा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने एक सोशल मीडिया पोस्ट को पुनः साझा करते हुए लिखा था, “टिन्नू टीपू से ही तो बात कर रहा था?” इस टिप्पणी के बाद अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे असत्य बताया।

अखिलेश यादव ने अपने जवाब में लिखा कि जितना विशेषाधिकार सत्ता पक्ष के सांसद को प्राप्त है, उतना ही विशेषाधिकार विपक्ष के सांसद को भी है। उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की परंपरा, सामाजिक शालीनता, सभ्यता और संसदीय मूल्यों का सम्मान करते हुए वह भाजपा सांसद को दस मिनट का समय दे रहे हैं कि वह अपनी कथित झूठी पोस्ट हटाएं, अन्यथा उनके विरुद्ध तत्काल नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।

सपा अध्यक्ष ने कहा कि यह चेतावनी केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि उन सभी लोगों के लिए है जिन्होंने इस कथित झूठे दावे को सोशल मीडिया पर प्रसारित किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग तुरंत अपनी पोस्ट हटाएं और सार्वजनिक रूप से क्षमा मांगें, अन्यथा कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहें।

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक (पीडीए) समाज को बदनाम और अपमानित करने के उद्देश्य से भाजपा नेता तथा उनके समर्थक इस प्रकार के झूठे प्रचार में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि पीडीए समाज इस प्रकार के दुष्प्रचार का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगा।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चढ़ावा, चंदा और दान से जुड़े कथित घोटाले के आरोपों का सामना कर रहे लोग जनाक्रोश के भय से अपने घरों में छिपे हुए हैं और षड्यंत्र रच रहे हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि यदि आरोप लगाने वालों में साहस है तो वे अयोध्या की जनता के सामने सरयू जल हाथ में लेकर अपने दावों को दोहराएं।

हालांकि अखिलेश यादव की ओर से दस मिनट के भीतर पोस्ट हटाने की चेतावनी दिए जाने के बाद भी भाजपा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने अपनी पोस्ट नहीं हटाई। इसके उलट उन्होंने अखिलेश यादव की चेतावनी वाली पोस्ट को साझा करते हुए लिखा, “जल्दी करिए, इतना परेशान क्यों हैं? प्रश्न ही तो पूछा है। 1990 में रामभक्तों पर गोली किसने चलवाई? मैं भी इस सवाल को लेकर अदालत जाऊंगा।”

दोनों नेताओं के बीच सोशल मीडिया पर हुई इस तीखी बयानबाजी ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण को लेकर पहले से जारी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच अब यह विवाद कानूनी मोड़ लेता दिखाई दे रहा है।

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