लखनऊ, 6 जुलाई 2026। आम आदमी पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने आज लखनऊ में एक बेहद आक्रामक प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए अयोध्या राम मंदिर निर्माण में हुए भ्रष्टाचार को लेकर केंद्र की मोदी और राज्य की योगी सरकार पर तीखा हमला बोला। संजय सिंह ने राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर “चंदा चोरी” का सीधा आरोप लगाते हुए 13 नए दस्तावेजी सबूत मीडिया के सामने सार्वजनिक किए।
संजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा निशाना साधते हुए सवाल उठाया कि आखिर देश के प्रधानमंत्री इस महाघोटाले पर चुप क्यों हैं? मोदी सरकार इस महाभ्रष्ट ट्रस्ट को तुरंत भंग क्यों नहीं कर रही और चंदा चोरी के मुख्य आरोपी चंपत राय को अब तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया? उन्होंने ऐलान किया कि इन पुख्ता सबूतों के साथ वे आज ही SIT (विशेष जांच दल) को पत्र लिखकर समय मांग रहे हैं ताकि इस महाघोटाले की परतें खोली जा सकें और सारे साक्ष्य सौंपे जा सकें।
महमूद ग़ज़नवी के रास्ते पर चल रही है भाजपा: संजय सिंह
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सांसद संजय सिंह ने भाजपा की नीयत पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि चंपत राय के इस्तीफे की खबरें महज एक लीपापोती हैं। सिर्फ महासचिव पद छोड़ना काफी नहीं है क्योंकि वे आजीवन ट्रस्टी बने रहेंगे। इस भ्रष्ट ट्रस्ट को तुरंत भंग किया जाना चाहिए, क्योंकि खुद ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास और कोषाध्यक्ष ने यह स्वीकार किया है कि उन्हें बिना बताए पैसों का भारी हेरफेर किया गया है। सच तो यह है कि भाजपा के लोग आज महमूद गजनवी के रास्ते पर चल रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी को डर है कि अगर चंपत राय का मुंह खुला, तो इस महाघोटाले का सारा सच जनता के सामने आ जाएगा और कई बड़े चेहरे बेनकाब हो जाएंगे।
बाजार मूल्य से 10 से 12 गुना महंगे दामों पर खरीदी गईं जमीनें: साक्ष्यों की नई सूची
सांसद संजय सिंह ने मीडिया के सामने एक-एक कर उन सभी नई जमीनों के दस्तावेज (गाटा संख्या) रखे, जिन्हें बाजार मूल्य से कई गुना अधिक दाम पर ट्रस्ट के पैसे से खरीदा गया है:
गाटा संख्या 25 (62 बिस्वा जमीन): इस जमीन का वास्तविक बाजार मूल्य मात्र ₹1,73,13,000 था। लेकिन चंपत राय ने इसे तनवी बंसल और मनीष बंसल से ₹29,67,60,800 में खरीदा। दान-धर्म के काम में लोग जमीनें मुनासिब दाम पर देते हैं, लेकिन यहाँ 10 से 12 गुना अधिक दाम देकर चंदे के पैसे को ठिकाने लगाया गया।
गाटा संख्या 274: यह जमीन सैयद मोहम्मद निजामुद्दीन, जावेद इदरीस और सुहेल इकबाल से खरीदी गई। ₹1,95,84,000 की जमीन को ₹6,45,20,000 में खरीदा गया (गवाह: अशोक कुमार वर्मा और राजेश कुमार मिश्रा)।
विश्व मोहिनी चौबे की जमीन: जो पहले ₹9 लाख में खरीदी गई थी, उसे ट्रस्ट को ₹98,20,000 में बेचा गया।
यशोदा नंदन व कौशल किशोर त्रिपाठी की जमीन: ₹1,60,71,000 के बाजार मूल्य की जमीन को 27 मार्च 2021 को ₹4 करोड़ में खरीदा गया।
गाटा संख्या 82: ₹25,20,000 की जमीन को 24 मई 2021 को ₹1,75,00,000 में खरीदा गया (गवाह: ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा और राजकुमार दास)।
गाटा संख्या 131: 18 मार्च 2021 को ₹10,20,000 की जमीन ₹60 लाख में खरीदी गई।
गाटा संख्या 136: 11 मई 2021 को ₹6,18,000 की जमीन ₹50 लाख में खरीदी गई।
गाटा संख्या 24 (अ): रघुवर सरन जी से ₹81,30,000 की जमीन 27 मार्च 2021 को ₹3,71,00,000 में खरीदी गई।
गाटा संख्या 269: उमेश चंद्र पोरवाल और शीतला प्रसाद से 1 करोड़ दो लाख रुपए की जमीन 2 करोड़ 43 लख रुपए में 1 अगस्त 2025 को चंपत राय के द्वारा खरीदी गई।
संजय सिंह ने कहा कि जहाँ योगी सरकार किसानों को ₹4-5 लाख प्रति बिस्वा का मुआवजा दे रही है, वहीं चंपत राय ने चंदे के पैसे से ₹47-48 लाख प्रति बिस्वा में जमीनें खरीदीं। निर्माण कार्य में 40% कमीशन खाया गया और आभूषण-चढ़ावे तक की चोरी की गई।
VHP नेता आलोक कुमार की चिट्ठी और पूर्व की शिकायतें
संजय सिंह ने विश्व हिंदू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार द्वारा जांच अधिकारी (DSP) को लिखी गई चिट्ठी पर पलटवार करते हुए कहा कि वे जांच को भटकाने के लिए केजरीवाल, संजय सिंह, प्रियंका गांधी और रामगोपाल यादव से पूछताछ की मांग कर रहे हैं।
उन्होंने याद दिलाया कि वे 2021 में ही अयोध्या की कोतवाली में कागजी सबूतों के साथ तहरीर दे चुके हैं, जिसपर आज तक FIR नहीं हुई। संजय सिंह ने सवाल उठाया कि आलोक कुमार ने अपनी चिट्ठी में उन लोगों का नाम क्यों नहीं लिखा जो खुद गवाही दे रहे हैं, जैसे निर्माण समिति के अध्यक्ष निपेंद्र मिश्रा, भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह, वीएचपी कार्यकर्ता महिपाल सिंह, संत धर्मदास, शंकराचार्य, विनय कटियार, संतोष दुबे और कमल नयन दास जी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर जांच अधिकारी (IO) उन्हें बुलाते हैं, तो वे इन सभी गवाहों को साथ लेकर जाएंगे।
सवालों पर सांसद संजय सिंह का कड़ा रुख:
एथेनॉल पेट्रोल पर: “अगर केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी मानते हैं कि एथेनॉल से गाड़ियां खराब नहीं होतीं, तो कम से कम भाजपा के नेताओं, विधायकों, सांसदों और मंत्रियों के लिए नियम अनिवार्य कर दें कि वे अपनी गाड़ियों में 50% एथेनॉल मिला पेट्रोल ही इस्तेमाल करें।”
हनुमान जी के अपमान पर: “भाजपा अध्यक्ष के रथ के सामने भगवान बजरंगबली के भेष में कलाकार से भाजपा का झंडा थमाकर नचवाना बेहद शर्मनाक है। भाजपा बार-बार हिंदू धर्म को अपमानित करती है।”
अखिलेश यादव के अयोध्या न जाने के विवाद पर: “क्या अमित शाह मंदिर उद्घाटन के बाद अयोध्या गए? देश के करोड़ों गरीब आदिवासी जो पैसों की कमी के कारण अयोध्या नहीं आ पाते, क्या वे राम भक्त नहीं हैं? चंदा चोरी छिपाने के लिए भाजपा ऐसी नकली बहसें चला रही है।”
नाम बदलने की घटिया राजनीति पर: “योगी कैबिनेट नौटंकी के लिए जलालबाद का नाम बदल रही है। लेकिन रामपुर का एक इलाका है ‘चमरौआ’—आजादी के इतने वर्षों बाद भी इस अपमानजनक नाम को बदलने की अकल योगी जी को नहीं आई, क्योंकि भाजपा की मानसिकता में दलितों और पिछड़ों को अपमानित करना ही भरा हुआ है।”
