राहुल गांधी का केंद्र सरकार पर हमला, बोले- ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ केवल नारे बनकर रह गए

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी

नई दिल्ली, 06 जुलाई (यूएनएस)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ जैसी प्रमुख पहलें केवल नारे बनकर रह गई हैं। उन्होंने दावा किया कि केंद्र की एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम) विरोधी नीतियां छोटे उद्योगों के लिए गंभीर संकट पैदा कर रही हैं।

राहुल गांधी ने राजस्थान के जयपुर में स्थानीय बस और ट्रक बॉडी बिल्डर्स की फैक्ट्री का दौरा करने के बाद अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो जारी किया। उन्होंने कहा कि इन फैक्ट्रियों में मेहनत और कौशल से काम करने वाले कारीगर भारत की अर्थव्यवस्था और परिवहन व्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रहे हैं।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा बनाए गए कुछ नियम देशभर के छोटे बस और ट्रक बॉडी निर्माण उद्योगों के लिए कठिनाइयां पैदा कर रहे हैं। उनके अनुसार, बसों में तकनीकी खराबी के कारण लगने वाली आग का दोष बॉडी बिल्डर्स पर मढ़ा जा रहा है, जबकि उनका कार्य केवल वाहनों की बॉडी तैयार करना होता है।

राहुल गांधी ने कहा कि जिन एमएसएमई इकाइयों को प्रोत्साहन और सहयोग मिलना चाहिए, वे सरकारी नीतियों के कारण प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियां छोटे उद्योगों के हितों के अनुरूप नहीं हैं और इससे देश के पारंपरिक उद्योगों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि यदि ऐसी फैक्ट्रियां बंद होती हैं तो इसका असर केवल कारोबार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पारंपरिक हुनर समाप्त होगा, रोजगार के अवसर घटेंगे और महंगाई का बोझ भी आम लोगों पर बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि इसकी सबसे बड़ी कीमत मेहनतकश और हुनरमंद भारतीयों को चुकानी पड़ेगी।

राहुल गांधी ने फेसबुक पर भी एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि राजस्थान के स्थानीय बस और ट्रक बॉडी बिल्डर्स से मुलाकात के दौरान उन्हें ऐसा भारत देखने को मिला, जो अपने हाथों से रोजगार भी पैदा करता है और देश की रफ्तार भी बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि इन कारीगरों की विश्वस्तरीय कारीगरी को सम्मान और सहयोग मिलना चाहिए, लेकिन उन्हें नियमों के बोझ तले काम बंद करने पर मजबूर किया जा रहा है।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार की एमएसएमई विरोधी नीतियां इन उद्योगों का गला घोंट रही हैं। उन्होंने कहा, “जब छोटे उद्योग हारते हैं, तब सिर्फ फैक्ट्री नहीं बंद होती, बल्कि भारत का हुनर हारता है और मेहनतकश कारीगर बेरोजगार होता है।”

राहुल गांधी ने कहा कि उनकी पार्टी कारीगरों और छोटे उद्यमियों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है तथा उनके हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होने दिया जाएगा।

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