लखनऊ, 06 जुलाई (यूएनएस)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को अपने सरकारी आवास 5, कालिदास मार्ग पर जनता दरबार लगाया। इस दौरान प्रदेश के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं और शिकायतें लेकर पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने सभी फरियादियों से एक-एक कर मुलाकात की, उनकी बातें ध्यान से सुनीं और संबंधित अधिकारियों को मामलों के त्वरित और निष्पक्ष निस्तारण के निर्देश दिए। जनतादर्शन के दौरान राजस्व, पुलिस, चिकित्सा, आवास, शिक्षा, पेंशन, भूमि विवाद, सामाजिक कल्याण और अन्य विभागों से जुड़ी शिकायतें सामने आईं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक प्रकरण का गंभीरता से परीक्षण किया जाए और तय समय सीमा के भीतर उसका समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता की समस्याओं के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गरीब, बुजुर्ग, महिलाओं, दिव्यांगों और अन्य जरूरतमंद लोगों से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिले और जिन मामलों में तत्काल सहायता की आवश्यकता है, उनमें बिना देरी राहत उपलब्ध कराई जाए।
जनतादर्शन कार्यक्रम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नियमित जनसुनवाई व्यवस्था का हिस्सा है। इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आने वाले लोग सीधे मुख्यमंत्री के सामने अपनी समस्याएं रखते हैं। शिकायतों के निस्तारण की नियमित समीक्षा भी की जाती है, ताकि लोगों को समय पर न्याय और राहत मिल सके।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जन शिकायतों के समाधान में पूरी संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ काम करें तथा यह सुनिश्चित करें कि किसी भी फरियादी को अपनी समस्या के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।
