लखनऊ, 05 जुलाई 2026 (यूएनएस)। उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की दिशा में योगी सरकार की पहल लगातार गति पकड़ रही है। प्रदेश सरकार की इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) क्रय सब्सिडी योजना के तहत अब तक 210 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी वितरित की जा चुकी है। इस योजना का लाभ 43,218 से अधिक लोगों को मिला है, जिससे प्रदेश में स्वच्छ, किफायती और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन को बढ़ावा मिला है।
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि खाड़ी देशों में उत्पन्न गंभीर हालात और संभावित तेल संकट को देखते हुए इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर रुख करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ईवी अपनाने से पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम होगी, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और आम लोगों के परिवहन खर्च में भी कमी आएगी।
96,778 से अधिक इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीकरण, परिवहन मंत्री बोले- तेल संकट के दौर में ईवी ही बेहतर विकल्प
परिवहन विभाग के अनुसार, प्रदेश में अब तक 96,778 से अधिक इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीकरण हो चुका है। इनमें बड़ी संख्या दोपहिया वाहनों की है। विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 61,417 इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन इस योजना से लाभान्वित हुए हैं। कम कीमत, कम रखरखाव और कम संचालन लागत के कारण ई-स्कूटर और ई-मोटरसाइकिल की मांग लगातार बढ़ रही है।
सरकार की योजना के तहत 2 लाख इलेक्ट्रिक दोपहिया, 25 हजार चारपहिया, 400 ई-बस तथा 1,000 ई-गुड्स कैरियर वाहनों को सब्सिडी देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इससे निजी उपयोग के साथ-साथ सार्वजनिक परिवहन और माल ढुलाई में भी इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा मिल रहा है।
प्रदेश सरकार का कहना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन देने से प्रदूषण में कमी आएगी, स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा और उत्तर प्रदेश हरित एवं टिकाऊ परिवहन व्यवस्था की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा।
