संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायतों का अंबार,पीड़ित बोले-यह समाधान नहीं, सिर्फ आश्वासन दिवस

संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायतों का अंबार,पीड़ित बोले-यह समाधान नहीं, सिर्फ आश्वासन दिवस

लखनऊ, 03 जुलाई (यूएनएस)। राजधानी में गुरुवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में बड़ी संख्या में नागरिक अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। हाउस टैक्स, जलकर, सीवर शुल्क, गलत बिलिंग, रिकॉर्ड में गड़बड़ी और पटरी दुकानदारों से जुड़े मामलों को लेकर लोगों ने अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं। कई मामलों में अधिकारियों ने सर्वे कराने और अभिलेखों की जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया।

नीलमथा बाजार के व्यापारी अमरनाथ रावत ने नगर निगम की कर निर्धारण व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी दुकान का हाउस टैक्स पहले 700 रुपये था, जो सैटेलाइट सर्वे के बाद बढ़कर 4,242 रुपये हो गया। उन्होंने बताया कि मार्च में भी शिकायत की थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा, “यह संपूर्ण समाधान दिवस नहीं, केवल आश्वासन दिवस है।”

विक्रमादित्य वार्ड के निवासी एवं उपविजेता पार्षद सुमित रावत ने बताया कि वर्ष 2023 में पूरा पानी का बिल जमा करने के बावजूद उनके नाम 19 हजार रुपये का नया बिल जारी कर दिया गया। उन्होंने बिल में संशोधन की मांग की।

अलीगंज वार्ड के निवासी जसवंत सिंह पटेल ने मेयर से जलकर और सीवर शुल्क में संशोधन की मांग करते हुए कहा कि उनके क्षेत्र में पिछले दो दशक से सीवर लाइन नहीं बिछी है, फिर भी सीवर शुल्क वसूला जा रहा है। उन्होंने बताया कि तीन बार शिकायत के बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ। उन्होंने बकाया मूल राशि जमा कराने और वर्षों से जुड़े ब्याज को माफ करने की मांग की। मेयर ने मामले में रिपोर्ट तलब कर जांच के निर्देश दिए।

राजा राममोहन राय वार्ड के राजू कश्यप ने पटरी दुकानदारों की समस्या उठाते हुए कहा कि वर्ष 2023 से उनकी रसीद नहीं कट रही है। कई बार ज्ञापन देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि समाधान दिवस आयोजित तो किया जाता है, लेकिन शिकायतों की प्रभावी निगरानी नहीं होती। उन्होंने यह भी कहा कि कई लोगों का हाउस टैक्स 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये तक कर दिया गया है, जो अधिकारियों की लापरवाही का परिणाम है।

तकरोही के बादशाह खेड़ा निवासी रीना वर्मा ने पड़ोसी द्वारा नाली बंद किए जाने की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों से वह लगातार संबंधित अधिकारियों से शिकायत कर रही हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। उन्होंने कहा कि बरसात, गर्मी और सर्दी हर मौसम में गंदे पानी की समस्या बनी रहती है और अब समाधान दिवस से ही उन्हें अंतिम उम्मीद है।

संपूर्ण समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों पर अधिकारियों ने संबंधित विभागों को जांच कर समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए, हालांकि कई शिकायतकर्ताओं ने मौके पर केवल आश्वासन मिलने पर नाराजगी भी जताई।

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