अयोध्या में केजरीवाल का बड़ा हमला: ‘जो राम के नहीं हुए, वो राष्ट्र के क्या होंगे’; राम मंदिर चढ़ावा मामले में फांसी तक की मांग

अयोध्या/लखनऊ, 26 जून। आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक एवं दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को अयोध्या पहुंचकर राम मंदिर चढ़ावा और दान प्रबंधन विवाद को लेकर भाजपा, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और एसआईटी जांच पर तीखा हमला बोला। रामलला के दर्शन के बाद आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने आरोप लगाया कि भगवान राम के मंदिर में करोड़ों-अरबों रुपये के चढ़ावे, आभूषण और अन्य दान सामग्री की चोरी हुई है तथा मामले में बड़े लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि “जो राम के नहीं हुए, वो राष्ट्र के क्या होंगे। पूरे देश में चंदा चोर पार्टी का सामाजिक बहिष्कार होना चाहिए।”

“भगवान के घर में महाडकैती हुई”

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भगवान राम के मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए सोना, चांदी, हीरे-जवाहरात, नकदी, पादुका, हार और अन्य बहुमूल्य वस्तुओं की चोरी हुई है। उनका दावा था कि यह कोई सामान्य चोरी नहीं बल्कि “महाडकैती” है और इसमें बड़े स्तर पर लोगों की संलिप्तता रही है।

उन्होंने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था इस घटना से आहत हुई है और वह स्वयं भी बेहद दुखी हैं। इसी कारण वह रामलला के दर्शन करने अयोध्या पहुंचे।

SIT और FIR पर उठाए सवाल

केजरीवाल ने एसआईटी जांच और दर्ज एफआईआर पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप था कि जांच में केवल निचले स्तर के कर्मचारियों को आरोपी बनाया गया है, जबकि कथित रूप से जिम्मेदार बड़े लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।

उन्होंने कहा कि गुरुवार को दर्ज एफआईआर में केवल आठ लोगों को नामजद किया गया है, जबकि इतने बड़े मामले में शीर्ष स्तर की जवाबदेही तय नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि “छोटे प्यादों को फंसाकर बड़े अपराधियों को बचाया जा रहा है।”

“दोषियों को मिले कड़ी से कड़ी सजा”

केजरीवाल ने कहा कि करोड़ों हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंची है और यदि जांच में कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों में यह भावना है कि बड़े दोषियों को भी कानून के दायरे में लाया जाए।

दानदाताओं की चिंता का किया जिक्र

प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने कुछ दानदाताओं का उदाहरण देते हुए दावा किया कि कई श्रद्धालु अब अपने द्वारा दिए गए दान का हिसाब मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्षों से लोगों ने बिना किसी संदेह के भगवान राम के नाम पर दान दिया, लेकिन विवाद सामने आने के बाद लोगों के मन में सवाल उठने लगे हैं।

जमीन खरीद के सौदों पर भी लगाए आरोप

अरविंद केजरीवाल ने राम मंदिर के लिए जमीन खरीद से जुड़े पुराने विवादों का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ जमीनों की खरीद बाजार मूल्य से कई गुना अधिक कीमत पर की गई, जिससे ट्रस्ट को वित्तीय नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि इन मामलों की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

“ट्रस्ट का पुनर्गठन किया जाए”

आप संयोजक ने मांग की कि यदि जांच में अनियमितताएं सामने आती हैं तो ट्रस्ट के संबंधित पदाधिकारियों को हटाकर मंदिर का संचालन संत समाज के प्रतिनिधियों को सौंपने पर विचार किया जाए। उनका कहना था कि इससे श्रद्धालुओं का विश्वास बहाल करने में मदद मिलेगी।

संजय सिंह बोले- 18 दिन बाद हुई एफआईआर

प्रेसवार्ता में मौजूद आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि चढ़ावा विवाद सामने आने के बाद 18 दिन तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई। उनका दावा था कि राजनीतिक दबाव बढ़ने के बाद ही मुकदमा दर्ज किया गया। उन्होंने कहा कि जांच का दायरा केवल नकदी तक सीमित न रहकर दान सामग्री, वित्तीय प्रबंधन और जमीन खरीद से जुड़े मामलों तक भी बढ़ाया जाना चाहिए।

जांच जारी, अंतिम रिपोर्ट पर निगाहें

राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण में पहले ही एफआईआर दर्ज हो चुकी है और पुलिस नामजद आरोपियों के खिलाफ जांच कर रही है। मामले की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रहा है। जांच एजेंसियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस बीच अरविंद केजरीवाल के बयान से यह मामला एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। अब सभी की निगाहें एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट और उसके बाद होने वाली संभावित कानूनी कार्रवाई पर टिकी हैं।

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