जलवायु परिवर्तन से निपटने को वैज्ञानिक कृषि रणनीति जरूरी, शिवराज ने योगी संग किया मंथन

लखनऊ, 25 जून (यूएनएस)। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री तथा कृषि एवं ग्रामीण विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कृषि और ग्रामीण विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में जलवायु परिवर्तन, बढ़ते तापमान, खरीफ सीजन की तैयारियों, जल संरक्षण तथा कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक रणनीति तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया।

लखनऊ पहुंचने पर केंद्रीय मंत्री का स्वागत प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर किया। इसके बाद शिवराज सिंह चौहान विभिन्न विभागीय बैठकों में शामिल हुए और कृषि क्षेत्र की चुनौतियों एवं संभावनाओं पर चर्चा की।

बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश की कृषि अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार है और उत्पादन के मामले में अग्रणी राज्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि बदलते मौसम, जलवायु परिवर्तन और लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए खेती के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना समय की आवश्यकता बन गया है। किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को अधिक टिकाऊ बनाने के लिए नई तकनीकों और आधुनिक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना होगा।

उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए कृषि क्षेत्र में दीर्घकालिक रोडमैप तैयार किया जा रहा है, जिसमें जल संरक्षण, फसल विविधीकरण और आधुनिक तकनीकों के उपयोग को प्राथमिकता दी जाएगी।

इससे एक दिन पहले 24 जून को कृषि भवन, लखनऊ से केंद्रीय कृषि मंत्री की अध्यक्षता में खरीफ सीजन-2026 की तैयारियों की समीक्षा के लिए वर्चुअल बैठक भी आयोजित की गई थी। बैठक में सूखा सहनशील बीजों के उपयोग, सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली, डायरेक्ट सीडेड राइस (डीएसआर) तकनीक, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना तथा दलहन उत्पादन बढ़ाने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों को किसानों के हितों की रक्षा और उत्पादन बढ़ाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।

इस दौरान शिवराज सिंह चौहान ने 25 जून को आपातकाल लागू होने की वर्षगांठ का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह दिन “संविधान हत्या दिवस” के रूप में याद किया जाता है। उनके अनुसार, 1975 में लगाए गए आपातकाल ने लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों को गंभीर क्षति पहुंचाई थी। उन्होंने नागरिकों से लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए सदैव सजग और प्रतिबद्ध रहने का आह्वान किया।

केंद्रीय मंत्री ने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य सरकारों के समन्वित प्रयासों से उत्तर प्रदेश कृषि क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल करेगा और किसानों की आय बढ़ाने के लक्ष्य को और गति मिलेगी।

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