योगी सरकार की छात्रवृत्ति योजना से 27 लाख से अधिक छात्रों को मिला संबल, प्रयागराज सबसे आगे

लखनऊ, 25 जून 2026 (यूएनएस)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार प्रभावी पहल कर रही है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने में पिछड़ा वर्ग दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह योजना लाखों छात्रों के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर उभरी है और उच्च शिक्षा की राह को आसान बना रही है।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस योजना के तहत प्रदेश के 27 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति का लाभ प्रदान किया गया। लाभार्थियों की संख्या के मामले में प्रयागराज जिला पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा, जहां 1,69,489 छात्रों को छात्रवृत्ति उपलब्ध कराई गई। इसके बाद गाजीपुर में 1.34 लाख से अधिक, आजमगढ़ में 1.19 लाख से अधिक, जौनपुर में 1.15 लाख से ज्यादा तथा वाराणसी में 88,859 विद्यार्थियों को योजना का लाभ मिला।

योजना के तहत छात्राओं को विशेष रूप से लाभान्वित किया गया है। कक्षा 11 एवं 12 स्तर पर 4,72,764 छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की गई, जबकि 3,80,667 छात्रों और दो ट्रांसजेंडर विद्यार्थियों को भी इसका लाभ मिला। वहीं उच्च शिक्षा के स्तर पर 10,01,084 छात्राओं, 9,31,906 छात्रों तथा आठ ट्रांसजेंडर विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी गई।

पिछड़ा वर्ग दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना बनी उच्च शिक्षा का मजबूत आधार, छात्राओं और ट्रांसजेंडरों को भी मिला लाभ

दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना केवल इंटरमीडिएट तक सीमित नहीं है, बल्कि उच्च शिक्षा और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को भी कवर करती है। इसके अंतर्गत बीटेक, एमबीबीएस, एमबीए जैसे प्रोफेशनल कोर्स के साथ-साथ बीए, बीएससी, बीकॉम, आईटीआई और पॉलिटेक्निक जैसे पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को भी आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।

योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करना है। जिन विद्यार्थियों के अभिभावकों की वार्षिक आय दो लाख रुपये या उससे कम है, वे इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में छात्रवृत्ति वितरण प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और सरल बनाया गया है। विद्यार्थी छात्रवृत्ति प्रबंधन प्रणाली की वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करते हैं, जिससे प्रक्रिया तेज और सुविधाजनक हुई है। आवेदन स्वीकृत होने के बाद छात्रवृत्ति की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाती है।

पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के निदेशक उमेश प्रताप सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी छात्र आर्थिक अभाव के कारण शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और अन्य पात्र वर्गों तक पहुंच रहा है। प्रदेश सरकार शिक्षा को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है और दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

योगी सरकार की यह पहल न केवल आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को शिक्षा जारी रखने में मदद कर रही है, बल्कि प्रदेश में समावेशी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

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