लखनऊ, 21 मई 2026 (यूएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद ने समाजवादी पार्टी और उसके अध्यक्ष अखिलेश यादव पर आरक्षण के मुद्दे को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी पिछड़ों के अधिकारों को कमजोर कर मुसलमानों को आरक्षण देने की राजनीति कर रही है।
संजय निषाद ने कहा कि अखिलेश यादव की हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस से पीडीए की राजनीति की “असलियत” सामने आ गई है। उन्होंने दावा किया कि पिछड़ों के अधिकारों पर “डाका डालने” की कोशिश की जा रही है।
आरक्षण पर सियासी घमासान तेज, बोले- पिछड़ों का हक छीनकर मुसलमानों को देना चाहती है सपा
उन्होंने कहा कि संविधान सभा में धर्म के आधार पर आरक्षण देने का विरोध किया गया था और डॉ. भीमराव अंबेडकर ने भी इसका समर्थन नहीं किया था। निषाद ने कहा कि “मुगलों द्वारा लाए गए धर्म” के आधार पर आरक्षण नहीं दिया जा सकता।
कैबिनेट मंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन ने जस्टिस रंगनाथ मिश्र आयोग के जरिए ओबीसी आरक्षण का हिस्सा मुसलमानों को देने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में कांग्रेस सरकारों ने मुस्लिम समुदाय की कई जातियों को ओबीसी श्रेणी में शामिल कर पिछड़ों के अधिकारों को प्रभावित किया।
पश्चिम बंगाल का जिक्र करते हुए संजय निषाद ने कहा कि वहां 118 मुस्लिम जातियों को ओबीसी सूची में शामिल किया गया था, जिसे बाद में कोलकाता हाई कोर्ट ने रद्द कर दिया। उन्होंने दावा किया कि वहां की जनता ने “पिछड़ों के हक पर डकैती” के खिलाफ आवाज उठाई और सरकार बदल दी।
इसी क्रम में उन्होंने उत्तर प्रदेश की राजनीति पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर समाजवादी पार्टी का यही रवैया रहा तो “जिस तरह बंगाल में दीदी साफ हुईं, उसी तरह यूपी में सपा का भी सूपड़ा साफ हो जाएगा।”
संजय निषाद ने इंडी गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि यह गठबंधन केवल मुस्लिम समाज की आवाज उठाता है, जबकि देश को आजादी दिलाने और समाज निर्माण में योगदान देने वाली पिछड़ी और वंचित जातियों की अनदेखी करता है।
