अबू धाबी/नई दिल्ली, 16 मई 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी पांच देशों की विदेश यात्रा के पहले चरण में संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी पहुंच गए। अबू धाबी हवाई अड्डे पर संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। प्रधानमंत्री मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई, जिसमें ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा सहयोग, गैस आपूर्ति, निवेश और रणनीतिक साझेदारी से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई। दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान भी हुआ।
प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक के दौरान कहा कि संयुक्त अरब अमीरात की वायुसेना द्वारा उनके विमान को एस्कॉर्ट किया जाना भारत के लोगों के सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने प्राकृतिक आपदा के दौरान प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करने के लिए यूएई नेतृत्व का आभार भी जताया।
पश्चिम एशिया में जारी तनावपूर्ण स्थिति पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि संयुक्त अरब अमीरात पर हुए हमलों की भारत कड़ी निंदा करता है। उन्होंने कहा कि किसी भी देश को निशाना बनाना स्वीकार्य नहीं है और भारत हमेशा संवाद तथा कूटनीति के माध्यम से समाधान का समर्थक रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित, मुक्त और खुला बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भारत हर परिस्थिति में संयुक्त अरब अमीरात के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहेगा और क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता बहाल करने के लिए हर संभव सहयोग देने को तैयार है।
प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा के दौरान भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच रणनीतिक रक्षा साझेदारी को मजबूत करने पर सहमति बनी। इसके अलावा पेट्रोलियम भंडारण, ऊर्जा सहयोग और रसोई गैस आपूर्ति से जुड़े समझौते भी किए गए।
सबसे महत्वपूर्ण घोषणा निवेश को लेकर हुई। संयुक्त अरब अमीरात ने भारत के आधारभूत ढांचा क्षेत्र, आरबीएल बैंक और सम्मान कैपिटल में कुल पांच अरब डॉलर निवेश करने की घोषणा की है। माना जा रहा है कि इससे भारत में ऊर्जा, वित्त और अवसंरचना क्षेत्रों को बड़ा बल मिलेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सामाजिक माध्यम ‘एक्स’ पर लिखा कि वह अपने “भाई” शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान द्वारा किए गए विशेष स्वागत के लिए आभारी हैं। उन्होंने कहा कि वह ऊर्जा, निवेश, आपूर्ति श्रृंखला और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भारत-यूएई संबंधों को और मजबूत करने को लेकर उत्साहित हैं।
प्रधानमंत्री मोदी की यह विदेश यात्रा छह दिनों की है। संयुक्त अरब अमीरात के बाद वह नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली का दौरा करेंगे। इन यात्राओं का उद्देश्य व्यापार, ऊर्जा, हरित विकास, नवाचार, रक्षा और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में भारत की वैश्विक साझेदारी को और मजबूत करना है।
