लखनऊ, 16 मई 2026। नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक और धांधली के विरोध में शुक्रवार को लखनऊ विश्वविद्यालय में युवजन सभा और समाजवादी छात्र सभा से जुड़े छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया। छात्रों ने केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय के खिलाफ नारेबाजी करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारी छात्र विश्वविद्यालय के गेट संख्या-1 के बाहर एकत्र हुए और हाथों में तख्तियां तथा बैनर लेकर “पेपर लीक बंद करो” और “छात्र विरोधी सरकार मुर्दाबाद” जैसे नारे लगाए। छात्रों का आरोप था कि लगातार हो रही पेपर लीक की घटनाओं से मेहनती छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है और सरकार दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही है।
समाजवादी छात्र सभा से जुड़े छात्रों ने कहा कि नीट जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में पारदर्शिता बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है। यदि समय रहते कठोर कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
प्रदर्शन की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और छात्रों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठकर विरोध जताने लगे। इसके बाद पुलिस ने कई छात्रों को हिरासत में लेकर वाहनों के माध्यम से इको गार्डन भेज दिया। इस दौरान विश्वविद्यालय के बाहर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा।
वहीं राजधानी लखनऊ में कांग्रेस मुख्यालय के बाहर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका। पुतला दहन रोकने पहुंची पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। इस दौरान पुतला फट गया, लेकिन कार्यकर्ताओं ने उसमें आग लगा दी।
भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अनस रहमान ने आरोप लगाया कि पेपर लीक की घटनाओं से छात्रों का भविष्य अंधकार में जा रहा है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में पेपर लीक मामले में कई गिरफ्तारियां हुई हैं और आरोपियों की तस्वीरें वहां के नेताओं के साथ सामने आई हैं।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी और केंद्र सरकार इस पूरे मामले के लिए जिम्मेदार हैं। यदि पिछली बार पेपर लीक हुआ था तो उसी समय एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उन्होंने मांग की कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी को तत्काल भंग किया जाए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें।
अनस रहमान ने कहा कि पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने की घटनाओं से छात्र मानसिक दबाव में हैं। उन्होंने दावा किया कि लखीमपुर की एक छात्रा ने परीक्षा रद्द होने से आहत होकर आत्महत्या कर ली।
प्रदर्शन में शामिल छात्र अहमद ने कहा कि बार-बार परीक्षा रद्द होने और पेपर लीक से लाखों छात्र परेशान हैं। उन्होंने कहा कि छात्र घर-परिवार छोड़कर दूसरे शहरों में रहकर तैयारी करते हैं और लाखों रुपये खर्च करते हैं, लेकिन सरकार दोबारा परीक्षा कराने की बात कहकर अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती।
छात्रों ने मांग की कि पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि छात्रों का शिक्षा व्यवस्था पर भरोसा कायम रह सके।
