चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की जांच अब सीबीआई करेगी, आरोपी राज के वकील ने किया स्वागत

कोलकाता। चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की जांच अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) करेगी। पश्चिम बंगाल पुलिस की सिफारिश के बाद एजेंसी ने मंगलवार को आधिकारिक रूप से जांच अपने हाथ में ले ली।

सीबीआई ने एक बयान में कहा कि मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया गया है, जो कोलकाता कार्यालय के संयुक्त निदेशक की निगरानी में काम करेगा। जरूरत के अनुसार कोलकाता क्षेत्र के अधिकारियों को भी एसआईटी में शामिल किया जाएगा।

इससे पहले राज्य सरकार ने स्पेशल टास्क फोर्स और अपराध जांच विभाग (सीआईडी) के अधिकारियों को लेकर एक एसआईटी बनाई थी। इसी टीम ने हत्या के सिलसिले में तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया था।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मयंकराज मिश्रा, विक्की मौर्य और राज सिंह के रूप में हुई है। जांच एजेंसियों का मानना है कि इनमें पेशेवर शूटर शामिल हो सकते हैं। मयंक और विक्की को बिहार के बक्सर से जबकि राज सिंह को उत्तर प्रदेश के बलिया से गिरफ्तार किया गया। अदालत ने तीनों को 12 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि हत्या में इस्तेमाल की गई गाड़ी झारखंड से लाई गई थी। जांचकर्ताओं के अनुसार बाली टोल प्लाजा पर ऑनलाइन टोल भुगतान से आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिली। डिजिटल ट्रैकिंग और टेक्नोलॉजिकल सर्विलांस के जरिए बिहार और उत्तर प्रदेश में छापेमारी की गई।

गौरतलब है कि चंद्रनाथ रथ की 6 मई की रात मध्यमग्राम में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जांचकर्ताओं के मुताबिक हमलावरों ने उनकी कार के सामने एक अन्य वाहन खड़ा कर रास्ता रोका और नजदीक से गोलीबारी की। घटना में रथ की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनका चालक गंभीर रूप से घायल हो गया था।

इस बीच आरोपी राज सिंह के अधिवक्ता हरिवंश सिंह ने सीबीआई जांच का स्वागत करते हुए दावा किया कि उनका मुवक्किल निर्दोष है। उन्होंने कहा कि सीबीआई की टीम जब बलिया पहुंचेगी और सीसीटीवी फुटेज की जांच करेगी, तब यह स्पष्ट हो जाएगा कि राज सिंह को गलत तरीके से फंसाया गया है।

वकील ने पश्चिम बंगाल पुलिस पर गिरफ्तारी प्रक्रिया में कानूनी औपचारिकताओं का पालन नहीं करने का आरोप भी लगाया। उनका कहना है कि राज सिंह को कोलकाता ले जाने से पहले ट्रांजिट रिमांड लिया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।

राज सिंह की गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर कई रसूखदार लोगों के साथ उसकी तस्वीरें और वीडियो भी सामने आए हैं। फेसबुक प्रोफाइल में उसने खुद को अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा उत्तर प्रदेश का महासचिव और चिलकहर ब्लॉक प्रमुख पद का संभावित दावेदार बताया है।

सोशल मीडिया पर उसकी तस्वीरें दयाशंकर सिंह, ब्रज भूषण सिंह और विधान परिषद सदस्य रवि शंकर सिंह पप्पू के साथ भी सामने आई हैं।

राज सिंह की मां जसवंती सिंह ने भी अपने बेटे को निर्दोष बताते हुए दावा किया कि हत्या वाले दिन वह बलिया में मौजूद था और इसकी पुष्टि सीसीटीवी फुटेज से हो सकती है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि उनका बेटा कभी कोलकाता तक नहीं गया।

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