नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी 28 और 29 अप्रैल को उत्तर प्रदेश और सिक्किम के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह दोनों राज्यों में हजारों करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे।
अपने दौरे की शुरुआत प्रधानमंत्री सिक्किम से करेंगे, जहां वे राजधानी गंगटोक में रोड शो करेंगे और राज्य की स्थापना की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित समारोह में भाग लेंगे। इस दौरान करीब 4,000 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं की शुरुआत की जाएगी, जिनमें बुनियादी ढांचा, स्वास्थ्य, शिक्षा, ऊर्जा, पर्यटन और कृषि क्षेत्र से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं।
इसके बाद प्रधानमंत्री उत्तर प्रदेश पहुंचेंगे। 28 अप्रैल को वाराणसी में महिला सम्मेलन में हिस्सा लेने के साथ-साथ करीब 6,350 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इनमें वाराणसी-आजमगढ़ सड़क चौड़ीकरण, रेल ओवरब्रिज, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, ‘जल जीवन मिशन’ के तहत पेयजल योजनाएं, घाटों का विकास और सारनाथ क्षेत्र में पर्यटन परियोजनाएं शामिल हैं।
प्रधानमंत्री इस दौरान 1,050 करोड़ रुपये से अधिक की 48 परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे, जबकि करीब 5,300 करोड़ रुपये की 112 नई परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। साथ ही बनास डेयरी से जुड़े किसानों को 105 करोड़ रुपये से अधिक का बोनस भी ट्रांसफर करेंगे और बनारस–पुणे व अयोध्या–मुंबई के बीच चलने वाली अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाएंगे।
29 अप्रैल को प्रधानमंत्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे और इसके बाद हरदोई में देश के सबसे लंबे एक्सप्रेसवे में से एक गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे। 594 किलोमीटर लंबा यह 6-लेन (भविष्य में 8-लेन) एक्सप्रेसवे लगभग 36,230 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ है।
यह एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक 12 जिलों को जोड़ेगा, जिससे यात्रा समय 10-12 घंटे से घटकर करीब 6 घंटे रह जाएगा। इसके साथ ही इसे एक बड़े आर्थिक कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे औद्योगिक निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री के दौरे को देखते हुए दोनों राज्यों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। यह दौरा विकास परियोजनाओं को गति देने और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
