स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग का शताब्दी समारोह भव्य आयोजन के साथ संपन्न

लखनऊ, 27 अप्रैल 2026। स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग के 100 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर राजधानी लखनऊ में भव्य शताब्दी समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम लखनऊ विश्वविद्यालय के मालवीय समागार में संपन्न हुआ, जिसमें विभाग की एक सदी की गौरवशाली यात्रा और उपलब्धियों को रेखांकित किया गया।

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सुरेश कुमार खन्ना उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथियों में पंकज गुप्ता एवं उत्तर प्रदेश के चीफ पोस्टमास्टर जनरल शामिल रहे। कार्यक्रम में विभाग के वर्तमान और सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारियों की बड़ी संख्या ने भाग लिया।

इस अवसर पर विभाग की स्मारिका और आधिकारिक वेबसाइट का लोकार्पण किया गया। साथ ही 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक विशेष डाक आवरण (स्पेशल कवर) भी जारी किया गया। कार्यक्रम में विभाग की स्थापना (1 अप्रैल 1926) से लेकर अब तक की यात्रा, वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने में उसकी भूमिका को विस्तार से प्रस्तुत किया गया।

वर्तमान में यह विभाग नगर निकायों, स्वायत्तशासी संस्थाओं और राज्य सहायता प्राप्त संस्थाओं के ऑडिट के माध्यम से वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित कर रहा है। कार्यक्रम में विभाग के आधुनिकीकरण और पेपरलेस ऑडिट प्रणाली की दिशा में उठाए जा रहे कदमों पर भी चर्चा की गई।

अपने संबोधन में वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि लेखा परीक्षा विभाग लोकधन का सजग संरक्षक है। उन्होंने डिजिटल युग में विभाग की बढ़ती भूमिका पर जोर देते हुए नई तकनीकों के उपयोग से ऑडिट प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी और समयबद्ध बनाने की आवश्यकता बताई।

उन्होंने कर्तव्यनिष्ठा और समय प्रबंधन को सफलता की असली कसौटी बताते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों से इन मूल्यों को अपनी कार्यसंस्कृति का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में विभाग द्वारा प्रदेश भर में वृक्षारोपण, वस्त्र वितरण और जनसंवाद जैसे जनहितकारी कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। इस आयोजन के साथ विभाग ने अपनी ऐतिहासिक यात्रा को याद करते हुए भविष्य में और अधिक पारदर्शी एवं जवाबदेह वित्तीय प्रणाली के निर्माण का संकल्प दोहराया।

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