मोदी विजन से अंतिम पायदान तक पहुंच रहा विकास, जनजातियों को आवास योजना में शामिल करने का ऐलान: केशव प्रसाद मौर्य

लखनऊ, 22 अप्रैल 2026 (यूएनएस)। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सबका साथ, सबका विकास” मंत्र के तहत राज्य की डबल इंजन सरकार समाज के अंतिम पायदान पर खड़े गरीबों तक विकास की रोशनी पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने घोषणा की कि ‘मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण’ के दायरे को और व्यापक बनाते हुए अब प्रदेश की सभी अनुसूचित जनजातियों (एसटी) को भी इसमें शामिल किया जाएगा, जो अब तक इस योजना से वंचित थीं। सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि 2018 में शुरू हुई इस योजना में शुरुआत में वनटांगिया और मुसहर समुदाय को शामिल किया गया था। बाद में कोल, थारू, सहरिया, नट, चेरो, बैगा, बोक्सा, बंजारा और सपेरा समेत कुल 18 जनजातियों को जोड़ा गया। अब सरकार ने शेष सभी जनजातियों को भी इस योजना में शामिल करने का निर्णय लिया है।

उन्होंने बताया कि यह योजना “संतृप्ति मोड” पर आधारित है, जिसके तहत शामिल किए गए प्रत्येक वर्ग को शुरुआती दो वर्षों के भीतर शत-प्रतिशत आवास उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा जाता है। मुसहर और वनटांगिया समुदायों को इसका लाभ मिल चुका है।

मौर्य ने कहा कि यह योजना प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित परिवारों, कालाजार और जापानी इंसेफेलाइटिस से पीड़ित लोगों, कुष्ठ रोगियों, निराश्रित महिलाओं और दिव्यांगजनों के लिए भी लाभकारी सिद्ध हो रही है।

पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पहले इन वर्गों को केवल वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया गया और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास नहीं किए गए। “हमारी सरकार जातियों को तोड़ने नहीं, बल्कि उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का काम कर रही है,” उन्होंने कहा।

उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तर प्रदेश जल्द ही उन अग्रणी राज्यों में शामिल होगा, जहां जनजातीय समुदायों को शत-प्रतिशत आवास सुविधा उपलब्ध होगी।

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