अहमदाबाद। गुजरात एटीएस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आतंकी संगठन आईएसआईएस से प्रभावित दो युवकों को गिरफ्तार कर एक संभावित हमले की साजिश को नाकाम कर दिया। जांच एजेंसियों के मुताबिक दोनों आरोपी सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथ की ओर बढ़े और देश के खिलाफ षड्यंत्र रच रहे थे।
एटीएस ने आरोपियों को दो अलग-अलग राज्यों से पकड़ा। एक आरोपी इरफान पठान को गुजरात के पाटन जिले के सिद्धपुर से, जबकि दूसरे आरोपी मुर्शिद शेख को मुंबई से हिरासत में लिया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों के बीच पिछले कई महीनों से लगातार संपर्क था और वे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से जुड़े हुए थे।
जांच एजेंसियों के अनुसार दोनों युवक आईएसआईएस की विचारधारा से प्रभावित थे और “गजवा-ए-हिंद” के नाम पर भारत में एक आतंकी नेटवर्क खड़ा करने की योजना बना रहे थे। इसके लिए वे सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को जोड़ने और उन्हें कट्टरपंथी बनाने की कोशिश कर रहे थे।
एटीएस को आरोपियों के मोबाइल फोन से कई अहम सबूत मिले हैं, जिनसे उनके पाकिस्तान और अफगानिस्तान में सक्रिय आतंकी तत्वों से संपर्क के संकेत मिले हैं। बताया जा रहा है कि दोनों फंडिंग जुटाने, नेटवर्क विस्तार और संभावित हमलों की योजना पर भी काम कर रहे थे।
अधिकारियों के मुताबिक दोनों आरोपी पिछले 5 से 6 महीनों से सक्रिय थे और विभिन्न संभावित टारगेट्स पर हमले की योजना बना रहे थे। उनकी बातचीत में कई संवेदनशील जानकारियां और योजनाओं के संकेत भी मिले हैं।
गिरफ्तार युवकों की उम्र 21 से 22 वर्ष के बीच है और दोनों की शैक्षिक पृष्ठभूमि सामान्य है, लेकिन सोशल मीडिया के माध्यम से वे तेजी से कट्टरपंथ की ओर प्रभावित हुए। यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग किस तरह युवाओं को भटका सकता है।
फिलहाल गुजरात एटीएस दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है।
