टेस्ट खेलना चाहूंगा, लेकिन टी20 में ‘हाथ सेट हो गया है’ : सूर्यकुमार यादव

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव

नई दिल्ली, 16 मार्च। सूर्यकुमार यादव का कहना है कि वह मौका मिलने पर टेस्ट क्रिकेट खेलना जरूर चाहेंगे, लेकिन फिलहाल टी20 प्रारूप में उनका खेल पूरी तरह सेट हो चुका है। वहीं उन्होंने स्वीकार किया कि वनडे क्रिकेट उन्हें ज्यादा रास नहीं आया।

विश्व कप विजेता भारतीय कप्तान सूर्यकुमार ने ‘पीटीआई’ के साथ एक विशेष पॉडकास्ट साक्षात्कार में कहा कि उन्होंने अपने करियर की शुरुआत लाल गेंद से की थी और लगभग एक दशक तक घरेलू क्रिकेट में इसी प्रारूप में खेला।

उन्होंने कहा, “मैंने लाल गेंद से ही क्रिकेट खेलना शुरू किया था और 10-12 साल तक रणजी ट्रॉफी खेली। अगर आप मुंबई में पले-बढ़े हैं तो शुरुआत लाल गेंद से ही होती है और सब कुछ उसी के इर्द-गिर्द रहता है।”

सूर्यकुमार ने बताया कि समय के साथ उनका झुकाव सीमित ओवरों के क्रिकेट की ओर बढ़ गया, खासकर टी20 प्रारूप की ओर। उन्होंने कहा, “जब हमने सफेद गेंद से क्रिकेट खेलना शुरू किया तो धीरे-धीरे मेरा झुकाव उसकी तरफ हो गया। टी20 में जैसा चल रहा था, उसमें मेरा ‘हाथ सेट हो गया है’, ऐसा कह सकते हैं।”

35 वर्षीय बल्लेबाज ने कहा कि अगर उन्हें मौका मिले तो वह टेस्ट क्रिकेट जरूर खेलना चाहेंगे। उन्होंने कहा, “मैंने 2010-11 से 2020 तक काफी लाल गेंद का क्रिकेट खेला है। दस साल लंबा समय होता है और मुझे इस प्रारूप से बहुत लगाव था। स्वाभाविक है कि मौका मिले तो कौन टेस्ट क्रिकेट नहीं खेलना चाहेगा।”

सूर्यकुमार का टेस्ट क्रिकेट में अब तक का अनुभव सीमित रहा है। उन्होंने 2023 में नागपुर में ऑस्ट्रेलिया राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के खिलाफ एकमात्र टेस्ट खेला था, जिसमें वह एक पारी में आठ रन ही बना सके थे।

उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वनडे क्रिकेट उनके लिए सबसे चुनौतीपूर्ण प्रारूप रहा है। उनके अनुसार वनडे में बल्लेबाज को अलग-अलग परिस्थितियों के अनुसार खेल बदलना पड़ता है।

उन्होंने कहा, “अगर जल्दी विकेट गिर जाएं तो टेस्ट की तरह बल्लेबाजी करनी पड़ती है, फिर अच्छे स्ट्राइक रेट से वनडे की तरह खेलना होता है और आखिर में टी20 की तरह तेज रन बनाने पड़ते हैं। शायद यही वजह है कि मैं इस प्रारूप को कभी पूरी तरह समझ नहीं पाया।”

सूर्यकुमार ने हालांकि वनडे क्रिकेट के महत्व को भी स्वीकार किया और कहा कि इसका अपना अलग आकर्षण है। उन्होंने 2023 के वनडे विश्व कप के दौरान टीम के माहौल और तैयारियों को याद करते हुए कहा कि उस टूर्नामेंट का अनुभव टी20 विश्व कप से काफी अलग था।

उनके अनुसार टेस्ट, वनडे और टी20—तीनों प्रारूपों का अपना अलग महत्व और रोमांच है।

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