लखनऊ, 15 मार्च। प्रदेश में संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए तैयारियों को लेकर रविवार को महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता Swatantra Dev Singh ने की। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के सभागार में हुई इस बैठक में बाढ़ सुरक्षा एवं बचाव कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में देवीपाटन मंडल के अंतर्गत गोंडा, श्रावस्ती और बहराइच तथा अयोध्या मंडल के अंतर्गत बाराबंकी, अयोध्या और अम्बेडकरनगर जनपदों में संचालित बाढ़ सुरक्षा कार्यों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई।
जलशक्ति मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ बचाव से संबंधित सभी आवश्यक कार्य आगामी 15 जून से पहले अनिवार्य रूप से पूर्ण कर लिए जाएं, ताकि संभावित बाढ़ की स्थिति में लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि सभी अभियंता और संबंधित अधिकारी अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहकर कार्यों की लगातार निगरानी सुनिश्चित करें।
मंत्री ने कहा कि बाढ़ सुरक्षा से जुड़े कार्य पूरी संवेदनशीलता और उच्च गुणवत्ता के साथ किए जाएं, ताकि जनसामान्य की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। उन्होंने विगत नौ वर्षों में इन क्षेत्रों में बाढ़ से बचाव के लिए कराए गए कार्यों और उनके प्रभाव का भी आकलन किया तथा अधिकारियों को आवश्यकतानुसार सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।
बैठक में प्रमुख सचिव सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग Anil Garg ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अपने-अपने जनपदों में संवेदनशील और क्रिटिकल स्थलों का स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण कार्य तत्काल कराए जाएं। साथ ही संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए उपकरण, सामग्री और अन्य संसाधनों का पर्याप्त रिजर्व स्टॉक भी उपलब्ध रखा जाए।
उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रबंधन से जुड़े सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। बैठक में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता, विभागाध्यक्ष, मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता सहित देवीपाटन और अयोध्या मंडल के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
