किसानों की नवाचार से बढ़ी आय, बेहतर भूमि उपयोग के उदाहरणों का नरेन्द्र मोदी ने किया उल्लेख

नई दिल्ली, 22 फरवरी: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात में देश के किसानों की नवाचार आधारित सफलता की प्रेरक कहानियां साझा करते हुए कहा कि भारतीय किसान आज परंपरा और आधुनिक तकनीक के समन्वय से न केवल उत्पादन बढ़ा रहे हैं, बल्कि अतिरिक्त आय अर्जित करने के नए मॉडल भी विकसित कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि किसानों की मेहनत का परिणाम राष्ट्रीय स्तर पर भी दिखाई दे रहा है और भारत दुनिया का सबसे बड़ा चावल उत्पादक देश बन चुका है। उन्होंने कहा कि 15 करोड़ टन से अधिक चावल का उत्पादन देश की कृषि क्षमता और किसानों की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। भारत न केवल अपनी घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति कर रहा है, बल्कि वैश्विक खाद्य भंडार में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

मोदी ने किसानों को केवल अन्नदाता नहीं बल्कि धरती का सच्चा साधक बताते हुए कहा कि उनकी कार्यशैली से समाज को सीख लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कई किसान खेती को केवल उत्पादन तक सीमित न रखकर गुणवत्ता, विविधता और बाजार विस्तार पर भी ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने ओडिशा के युवा किसान हिरोद पटेल का उदाहरण देते हुए बताया कि उन्होंने पारंपरिक खेती के साथ नवाचार का अनूठा मॉडल विकसित किया है। उन्होंने अपने खेत के तालाब के ऊपर मजबूत जालीदार संरचना बनाकर बेल वाली सब्जियां उगाईं, तालाब के आसपास फलदार वृक्ष लगाए और उसी जल स्रोत में मछली पालन शुरू किया। इस बहु-आयामी खेती मॉडल से भूमि का बेहतर उपयोग हुआ, जल संरक्षण संभव हुआ और आय के कई स्रोत विकसित हुए। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज देशभर के किसान इस मॉडल को देखने और समझने के लिए वहां पहुंच रहे हैं।

इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने केरल के त्रिशूर क्षेत्र के एक गांव का उल्लेख किया, जहां एक ही खेत में धान की 570 किस्मों की खेती की जा रही है। उन्होंने कहा कि इसमें स्थानीय, औषधीय और अन्य राज्यों से लाई गई प्रजातियां शामिल हैं। यह पहल केवल खेती नहीं, बल्कि बीजों की जैव विविधता और पारंपरिक कृषि विरासत को संरक्षित करने का एक महत्वपूर्ण अभियान है।

मोदी ने कहा कि भारत के कृषि उत्पाद अब वैश्विक बाजारों में भी अपनी पहचान बना रहे हैं। उन्होंने बताया कि कर्नाटक के नंजनगुड केले, मैसूरु के पान के पत्ते और इंडी नींबू जैसे उत्पादों का निर्यात बढ़ा है, जिन्हें भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग भी प्राप्त है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आधुनिक भारतीय किसान उत्पादन बढ़ाने के साथ गुणवत्ता, नवाचार और वैश्विक पहचान पर भी समान रूप से ध्यान दे रहा है। उन्होंने देशवासियों से किसानों के प्रयासों का सम्मान करने और सतत कृषि को प्रोत्साहित करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में ऐसे नवाचार न केवल किसानों की आय बढ़ाने में सहायक हैं, बल्कि देश की खाद्य सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

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