नई दिल्ली, 22 फरवरी: कांग्रेस ने जमीनी स्तर पर पार्टी सदस्यों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से कई नई पहलों की घोषणा की है। पार्टी के कोषाध्यक्ष अजय माकन और वरिष्ठ प्रवक्ता अभिषेक सिंघवी ने संयुक्त रूप से इन कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए कहा कि इन कदमों से पार्टी के कानूनी नेटवर्क को मजबूत किया जाएगा और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में युवाओं की भूमिका बढ़ेगी।
घोषित पहलों में राज्य और जिला स्तर पर त्वरित कानूनी प्रतिक्रिया दलों का गठन प्रमुख है। इसके तहत देश के प्रत्येक जिले में कम से कम पांच वकीलों का नेटवर्क तैयार किया जाएगा, ताकि आवश्यकता पड़ने पर पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को तत्काल कानूनी सहायता मिल सके। इसके लिए विभिन्न राज्यों से वकीलों का डेटा एकत्र कर डिजिटल निर्देशिका तैयार की जा रही है।
अभिषेक सिंघवी ने बताया कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के विधि, मानवाधिकार और सूचना का अधिकार विभाग द्वारा ‘लीगल फेलोज प्रोग्राम’ शुरू किया जाएगा। इस तीन महीने की फेलोशिप के तहत 10 युवा वकीलों का चयन किया जाएगा, जो सांसदों को उनके संसदीय और विधायी कार्यों में सहयोग देंगे। उनका कहना था कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवा विधि विशेषज्ञों को नीति निर्माण प्रक्रिया से जोड़ना और विपक्ष की भूमिका को समझने का अवसर देना है।
कांग्रेस ने ‘न्याय नेता और नागरिक’ नामक एक पॉडकास्ट श्रृंखला शुरू करने की भी घोषणा की है, जिसमें वरिष्ठ अधिवक्ता, विधि विशेषज्ञ और युवा वकील समसामयिक कानूनी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा करेंगे। पार्टी का कहना है कि यह मंच संवैधानिक मूल्यों और सार्वजनिक विमर्श को मजबूत करने के लिए संवाद को प्रोत्साहित करेगा।
सिंघवी ने आरोप लगाया कि सूचना के अधिकार कानून की मूल भावना कमजोर हो रही है और इसे पुनर्स्थापित करने के लिए पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर संवाद शुरू करेगी। इसके लिए एक राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करने की योजना है, जिसमें पूर्व सूचना आयुक्त, न्यायविद, आरटीआई कार्यकर्ता, पत्रकार और नीति विशेषज्ञ भाग लेंगे।
उन्होंने कहा कि सूचना का अधिकार नागरिकों को शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का सशक्त माध्यम रहा है और इसे मजबूत बनाए रखना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए आवश्यक है।
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, इन पहलों का उद्देश्य पार्टी संगठन को जमीनी स्तर पर सशक्त करना, युवा पेशेवरों को जोड़ना और कानूनी सहायता की उपलब्धता को संस्थागत रूप देना है। पार्टी का मानना है कि संगठित कानूनी समर्थन तंत्र से कार्यकर्ताओं को अधिक प्रभावी ढंग से काम करने में मदद मिलेगी।
इन कार्यक्रमों के विस्तृत दिशा-निर्देश और आवेदन प्रक्रिया जल्द ही सार्वजनिक किए जाएंगे। कांग्रेस ने उम्मीद जताई है कि इन पहलों से युवाओं और विधि समुदाय की भागीदारी बढ़ेगी तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने की दिशा में सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
