लखनऊ, 18 फरवरी 2026 — उत्तर प्रदेश में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाएं कड़े सुरक्षा इंतजामों और हाईटेक निगरानी व्यवस्था के बीच शुरू हो गई हैं। माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने प्रथम दिवस पर लखनऊ स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज जियामऊ का निरीक्षण कर परीक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया और छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्धन किया।
राज्यमंत्री ने परीक्षार्थियों को आत्मविश्वास के साथ परीक्षा देने का संदेश देते हुए कहा कि नकलविहीन, पारदर्शी और शुचितापूर्ण परीक्षा कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने छात्राओं से संवाद कर उन्हें शुभकामनाएं दीं और परीक्षा को शांत मन से देने का आग्रह किया।
माध्यमिक शिक्षा विभाग के अनुसार बोर्ड परीक्षाएं 18 फरवरी से 12 मार्च तक प्रदेशभर में आयोजित की जा रही हैं। प्रथम दिवस की पहली पाली में हाईस्कूल हिन्दी विषय की परीक्षा 8033 केंद्रों पर आयोजित हुई, जबकि दूसरी पाली में इंटरमीडिएट हिन्दी विषय की परीक्षा 7998 केंद्रों पर संपन्न हुई। इस वर्ष कुल 53,37,778 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं, जिनमें हाईस्कूल के 27,61,696 और इंटरमीडिएट के 25,76,082 छात्र शामिल हैं।
परीक्षा की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए राज्य स्तरीय हाईटेक कंट्रोल रूम से सभी 75 जनपदों के परीक्षा केंद्रों की लाइव मॉनिटरिंग और वेबकास्टिंग की जा रही है। प्रत्येक परीक्षा कक्ष में वॉयस रिकॉर्डरयुक्त सीसीटीवी कैमरे, हाई-स्पीड इंटरनेट और डिजिटल रिकॉर्डिंग की व्यवस्था की गई है। प्रश्नपत्रों को सुरक्षित डबल लॉक प्रणाली में रखा गया है और उत्तर पुस्तिकाओं में विशेष सुरक्षा फीचर शामिल किए गए हैं।
प्रदेश में 8033 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें राजकीय, सहायता प्राप्त और स्ववित्तपोषित विद्यालय शामिल हैं। संवेदनशील जिलों में विशेष निगरानी की व्यवस्था की गई है। परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए जोनल, सेक्टर और सचल दलों सहित बड़ी संख्या में प्रशासनिक टीमें तैनात की गई हैं।
कदाचार रोकने के लिए सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम 2024 के तहत कठोर दंड का प्रावधान लागू किया गया है। शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए हेल्पलाइन नंबर और डिजिटल संचार माध्यम सक्रिय रखे गए हैं।
सरकार का मानना है कि तकनीक आधारित निगरानी और सख्त प्रशासनिक व्यवस्था से परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता और पारदर्शिता और मजबूत होगी, जिससे छात्र निष्पक्ष वातावरण में परीक्षा दे सकेंगे।
