मनरेगा बचाओ संग्राम: लखनऊ में विधानसभा घेराव के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज, कई नेता हिरासत में

लखनऊ, 17 फरवरी 2026। “मनरेगा बचाओ संग्राम” के तहत भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा आहूत विधानसभा घेराव कार्यक्रम के दौरान लखनऊ में मंगलवार को तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली। प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ग्रामीण रोजगार, मजदूरों के बकाया भुगतान और मनरेगा को कमजोर किए जाने के आरोपों को लेकर प्रदर्शन किया। प्रशासन ने उत्तर प्रदेश विधानसभा और कांग्रेस कार्यालय के आसपास भारी पुलिस बल तैनात कर कई मार्गों पर बैरिकेडिंग की, जिसके चलते प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक हुई।

प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किए जाने की सूचना है, जिसमें कई कार्यकर्ता और नेता घायल हुए। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को भी चोट लगने की बात सामने आई। बाद में वरिष्ठ नेताओं और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर बसों के माध्यम से अस्थायी जेल ईको गार्डन भेजा गया। पार्टी के प्रदेश प्रभारी अविनाश पाण्डेय समेत कई पदाधिकारी कार्रवाई के विरोध में आगे रहे।

प्रदेश प्रभारी अविनाश पाण्डेय ने कहा कि मनरेगा केवल रोजगार योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की आधारशिला है। उन्होंने दावा किया कि कोरोना काल में इस योजना ने प्रवासी मजदूरों को राहत दी और गांवों की आर्थिक व्यवस्था को संभाला। उन्होंने केंद्र की भारत सरकार और राज्य की उत्तर प्रदेश सरकार पर योजना को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस इसे बचाने के लिए देशव्यापी अभियान चला रही है।

विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि मनरेगा के माध्यम से महिलाओं को गांव में सम्मानजनक रोजगार मिलता था, जिससे परिवारों को आर्थिक सुरक्षा मिलती थी और पलायन कम होता था। उनके अनुसार, योजना को कमजोर करना ग्रामीण आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है।

प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने प्रदर्शनकारियों पर हुई कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि कांग्रेस मजदूरों, गरीबों और वंचित वर्गों के अधिकारों की लड़ाई जारी रखेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मनरेगा और जनहित से जुड़े मुद्दों पर सरकार ने सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि प्रशासन ने प्रदर्शन से पहले कई कार्यकर्ताओं को नोटिस दिए और कुछ को नजरबंद भी किया। पार्टी ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन के रूप में बताया, जबकि प्रशासन की ओर से सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही गई।

प्रदर्शन में प्रदेश के कई जिलों से आए पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल रहे। कांग्रेस नेतृत्व ने घोषणा की कि मनरेगा और ग्रामीण रोजगार के मुद्दे पर जनजागरण अभियान आगे भी जारी रहेगा और राज्यभर में धरना-प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे।

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