यरुशलम, 16 फरवरी :भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 25 और 26 फरवरी को दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर इज़राइल जाएंगे। इस यात्रा की घोषणा इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए की। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, मोदी इज़राइली संसद नेसेट को भी संबोधित कर सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार, भले ही यह यात्रा संक्षिप्त होगी, लेकिन इसका रणनीतिक महत्व व्यापक माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच रक्षा, प्रौद्योगिकी, व्यापार, कृषि और नवाचार के क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने पर चर्चा होने की संभावना है। भारत और इज़राइल के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) की दिशा में जारी वार्ताओं को भी इस दौरान गति मिल सकती है।
यह मोदी की इज़राइल की दूसरी यात्रा होगी। जुलाई 2017 में उन्होंने ऐतिहासिक दौरा किया था, जो किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली इज़राइल यात्रा थी। तब से दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संपर्कों में लगातार वृद्धि हुई है। हाल के महीनों में इज़राइल के कई मंत्रियों ने भारत का दौरा किया, जबकि भारत की ओर से भी उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल इज़राइल गया।
पिछले वर्ष रक्षा और औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए दोनों देशों ने उन्नत प्रौद्योगिकी साझेदारी से जुड़े महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए थे। इनमें सह-विकास, सह-उत्पादन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा और अनुसंधान एवं विकास जैसे क्षेत्रों पर विशेष जोर दिया गया है।
भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और विदेश मंत्री एस. जयशंकर की हालिया इज़राइल यात्राओं के दौरान भी द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर सहमति बनी थी। दोनों देश आतंकवाद और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों पर भी साझा दृष्टिकोण रखते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा भारत-इज़राइल रणनीतिक साझेदारी को नए आयाम दे सकती है और रक्षा, तकनीक तथा आर्थिक सहयोग के क्षेत्रों में ठोस प्रगति का मार्ग प्रशस्त करेगी।
