व्यापार समझौतों पर सियासी टकराव, शाह ने राहुल गांधी पर लगाया ‘झूठ फैलाने’ का आरोप

गांधीनगर, 15 फरवरी। अमित शाह ने अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ के साथ भारत के व्यापार समझौतों को लेकर विपक्ष पर किसानों को गुमराह करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने सभी समझौतों में देश के कृषि और दुग्ध क्षेत्र के हितों की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित की है।

केंद्रीय गृहमंत्री ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरोपों को “हास्यास्पद” बताते हुए कहा कि किसानों और डेयरी क्षेत्र को नुकसान पहुंचने की बात निराधार है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किए गए हर समझौते में किसानों, पशुपालकों और मछुआरों के हितों का संरक्षण किया गया है।

शाह गांधीनगर में भारत की पहली केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा आधारित सार्वजनिक वितरण प्रणाली की शुरुआत के अवसर पर एक सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि व्यापार समझौतों से भारतीय कृषि उत्पादों और मत्स्य उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक बेहतर पहुंच मिलेगी, जबकि संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है।

उन्होंने राहुल गांधी को इस मुद्दे पर सार्वजनिक बहस की चुनौती देते हुए कहा कि भाजपा किसानों के हितों से कभी समझौता नहीं कर सकती। शाह ने पूर्ववर्ती सरकारों पर कृषि के लिए प्रतिकूल समझौते करने का आरोप लगाते हुए कहा कि 2014 के बाद ऐसे प्रावधानों को समाप्त कर दिया गया।

गृहमंत्री ने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं और नीतियों के कारण किसानों और गरीबों को प्रत्यक्ष लाभ मिला है। उन्होंने दावा किया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अनाज खरीद में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है।

शाह ने केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा आधारित सार्वजनिक वितरण प्रणाली को खाद्य सुरक्षा और पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम बताते हुए कहा कि इससे लाभार्थियों को अनाज वितरण में बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि यह प्रणाली धीरे-धीरे पूरे देश में लागू की जाएगी।

व्यापार समझौतों और कृषि हितों को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच यह टकराव आने वाले समय में राजनीतिक बहस का प्रमुख विषय बना रहने के संकेत दे रहा है।

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