लखनऊ/वाराणसी, 15 फरवरी। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा। भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की। काशी से लेकर मथुरा, बाराबंकी, एटा और बरेली तक मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और सुरक्षा व्यवस्था की गई।
राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर परिसर स्थित शक्तिपीठ में भगवान शिव का रुद्राभिषेक किया। उन्होंने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दूध, दही, घी, शहद और शर्करा से अभिषेक कर प्रदेशवासियों की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने अंधियारी बाग के मानसरोवर मंदिर तथा भरोहिया स्थित पितेश्वर नाथ शिव मंदिर में भी दर्शन-पूजन किया।
उधर काशी विश्वनाथ मंदिर में भोर की मंगला आरती के बाद से श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी गईं। मंदिर प्रशासन के अनुसार इस वर्ष 10 से 15 लाख श्रद्धालुओं के दर्शन करने का अनुमान है। भीड़ प्रबंधन के लिए छह द्वारों से प्रवेश व्यवस्था, बैरिकेडिंग, चिकित्सीय टीमों की तैनाती और सीसीटीवी निगरानी की गई। श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा की गई और बाबा विश्वनाथ के दर्शन 45 घंटे तक निर्बाध जारी रखने की व्यवस्था की गई।
बाराबंकी जिले के लोधेश्वर महादेवा मंदिर में भी भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। अधिकारियों के अनुसार रात से ही कांवड़ियों और भक्तों का आगमन जारी रहा और लाखों श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और प्रकाश व्यवस्था के विशेष प्रबंध किए।
मथुरा स्थित श्री कृष्ण जन्मस्थान से भेजे गए पूजा वस्त्र और प्रसाद काशी विश्वनाथ मंदिर में अर्पित किए गए। वहीं, एटा, कासगंज और बरेली के प्रमुख शिवालयों—अलखनाथ, टीवरी नाथ, बनखंडी नाथ और पशुपतिनाथ—में भी श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी गईं।
राज्यभर में प्रशासन द्वारा बैरिकेडिंग, चिकित्सा शिविर, सुरक्षा बलों की तैनाती और भीड़ नियंत्रण की व्यापक व्यवस्थाएं की गईं। अधिकारियों ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई, जिसके कारण पर्व शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ।
धार्मिक आस्था और उत्साह के बीच महाशिवरात्रि पर प्रदेश शिवमय नजर आया और भक्तों ने पूरे श्रद्धाभाव के साथ भगवान भोलेनाथ की आराधना की।
