शंकराचार्य मुद्दे पर अखिलेश यादव का सीएम पर तीखा हमला, बोले- आजकल सीएम का मतलब करप्ट माउथ भी है

लखनऊ, 15 फरवरी (RNN)।राजधानी लखनऊ में रविवार को समाजवादी पार्टी मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पूर्व बसपा मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। इस अवसर पर पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में तीन महिला नेत्रियों सहित कई अन्य नेताओं ने भी सपा का दामन थामा।

सपा में शामिल हुए नसीमुद्दीन सिद्दीकी

पार्टी में शामिल होने के बाद नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि उनके और अखिलेश यादव के पुराने संबंध रहे हैं और वह पार्टी के बताए मार्ग पर चलेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी में पहले से ही कई वरिष्ठ नेता मौजूद हैं और वह सभी के साथ मिलकर पार्टी को मजबूत करने का काम करेंगे।

नसीमुद्दीन ने सपा सरकार के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि बेरोजगारी भत्ता, छात्रों को लैपटॉप और युवाओं को नौकरी देने जैसी योजनाओं की शुरुआत अखिलेश यादव ने की थी। उन्होंने कहा कि आज नौकरी पाना मुश्किल हो गया है और सपा सरकार ने युवाओं को रोजगार देने का काम किया था।

उन्होंने अपने संबोधन में शेरो-शायरी के जरिए माहौल को भी उत्साहित किया और अंत में “जय समाजवाद” के नारे के साथ अपनी बात समाप्त की।

शंकराचार्य मुद्दे पर सीएम पर तंज

इस अवसर पर अखिलेश यादव ने शंकराचार्य से जुड़े विवाद पर टिप्पणी करते हुए मुख्यमंत्री पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग शंकराचार्य का अपमान कर रहे हैं और समाजवादी पार्टी उनके साथ खड़ी है।

अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा, “इनकी भाषा ऐसी है, जब मुंह खोला तो बुरा बोला।” उन्होंने मुख्यमंत्री के लिए ‘सीएम’ का नया अर्थ बताते हुए कहा कि आजकल सीएम का मतलब ‘करप्ट माउथ’ भी हो गया है।

भाजपा सरकार पर कई मुद्दों पर हमला

अखिलेश यादव ने केंद्र और राज्य सरकार पर कई मुद्दों को लेकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि दिल्ली और लखनऊ दोनों जगह की हवा खराब है। उन्होंने मुख्यमंत्री पर कटाक्ष करते हुए कहा कि “विष्ट जी खिलाड़ी तो हैं, लेकिन खेल नहीं पा रहे हैं।”

उन्होंने राफेल खरीद, वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ी, पंचायत चुनाव में देरी और फार्म-7 के जरिए हस्ताक्षर कराए जाने जैसे आरोप लगाए। इसके साथ ही उन्होंने एक बार फिर जातीय जनगणना कराने की मांग दोहराई।

सपा को मिला मजबूत मुस्लिम चेहरा

राजनीतिक जानकारों के अनुसार नसीमुद्दीन सिद्दीकी के सपा में शामिल होने से पार्टी को एक मजबूत मुस्लिम चेहरा मिला है। आजम खां के लंबे समय से जेल में रहने के कारण पार्टी के पास जमीनी पकड़ वाला मुस्लिम चेहरा कम था, ऐसे में नसीमुद्दीन की एंट्री से सपा को राजनीतिक लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है।

यूपी के कद्दावर नेताओं में गिनती

नसीमुद्दीन सिद्दीकी को उत्तर प्रदेश के कद्दावर नेताओं में गिना जाता है। वह बसपा सरकार में मंत्री रह चुके हैं और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उनकी राजनीतिक पकड़ मजबूत मानी जाती है। कांग्रेस छोड़ने के बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चाएं थीं, लेकिन अब सपा में उनकी एंट्री से प्रदेश की राजनीति में नए समीकरण बनने की संभावना है।

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