गोरखपुर, 14 फरवरी। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कैम्पियरगंज में प्रस्तावित प्रदेश के पहले वानिकी एवं उद्यान विज्ञान विश्वविद्यालय की डिग्री युवाओं के लिए रोजगार की गारंटी साबित होगी। उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय से निकलने वाले विद्यार्थियों के लिए देश और विदेश में व्यापक अवसर उपलब्ध होंगे, साथ ही यह किसानों की आय बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री शनिवार को जंगल कौड़िया ब्लॉक में पुनर्निर्मित खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) कार्यालय के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज वैश्विक चुनौती बन चुका है और प्रदूषण से मानव स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। इस संदर्भ में वानिकी विश्वविद्यालय पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने, वनाच्छादन बढ़ाने और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने में सहायक होगा।
उन्होंने कैम्पियरगंज स्थित गिद्धराज जटायु संरक्षण केंद्र का उल्लेख करते हुए भारतीय संस्कृति में कृतज्ञता के भाव को महत्वपूर्ण बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के बढ़ते उपयोग से गिद्धों की संख्या घट रही है, ऐसे में संरक्षण प्रयास आवश्यक हैं।
प्रदेश और गोरखपुर में विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद क्षेत्र में आधारभूत संरचना, स्वास्थ्य और उद्योग के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने गोरखपुर में खाद कारखाने के संचालन, एम्स सेवाओं की उपलब्धता, बीआरडी मेडिकल कॉलेज के उन्नयन, पिपराइच चीनी मिल के पुनः संचालन और गीडा में औद्योगिक विकास का उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने जंगल कौड़िया क्षेत्र से अपने जुड़ाव का जिक्र करते हुए कहा कि क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सड़कों के चौड़ीकरण, बाईपास निर्माण और बाढ़ नियंत्रण उपायों से क्षेत्र में आवागमन और जीवन स्तर में सुधार हुआ है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ब्लॉक परिसर में पुनर्निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया, शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की और रुद्राक्ष का पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। समारोह में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
