‘कर्मयोग और विकसित भारत’ विषय पर संगोष्ठी आयोजित, कर्तव्यनिष्ठा को बताया राष्ट्र निर्माण की आधारशिला

शाहजहाँपुर, 14 फरवरीशाहजहाँपुर में जिला प्रशासन द्वारा विकसित भारत अभियान के अंतर्गत ‘कर्मयोग और विकसित भारत’ विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में एल. वेंकटेश्वर लू ने भाग लिया और कर्तव्यनिष्ठा को विकसित राष्ट्र की मूल आधारशिला बताया।

मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में श्रीमद्भगवद्गीता के कर्मयोग सिद्धांत की व्याख्या करते हुए कहा कि समर्पण भाव और ईमानदारी से किया गया कार्य ही राष्ट्र निर्माण को गति देता है। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने का आह्वान किया और कहा कि प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता तथा सेवा भाव विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम में विद्वान वक्ता आचार्य केशव चंद्र मिश्र ने भी कर्मयोग के सिद्धांतों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि व्यक्ति का कर्म ही उसके व्यक्तित्व और समाज के विकास को दिशा देता है। उन्होंने कहा कि जब प्रशासन, समाज और नागरिक अपने-अपने दायित्वों का पालन करते हैं, तभी समग्र विकास संभव होता है।

संगोष्ठी का स्वागत संबोधन मद्य निषेध अधिकारी आर. एल. राजवंशी ने किया, जबकि कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत अभियान के उद्देश्यों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए ऐसे बौद्धिक कार्यक्रम आवश्यक हैं।

कवि डॉ. इंदु अजनबी के संचालन में आयोजित इस कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी अरविंद कुमार, परियोजना निदेशक अवधेश राम, जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. हरवंश कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी दिव्या गुप्ता तथा समाज कल्याण अधिकारी राजेश शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, शिक्षक-शिक्षिकाएं और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

जिला प्रशासन ने आशा व्यक्त की कि इस प्रकार की संगोष्ठियां प्रशासनिक दक्षता, सामाजिक चेतना और राष्ट्रीय विकास के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को सुदृढ़ करेंगी।

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