गोरखपुर, 14 फरवरी — योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की वायु गुणवत्ता पर चिंता जताते हुए उसकी तुलना “गैस चैंबर” से की। उन्होंने कहा कि तेज विकास के बावजूद उत्तर प्रदेश में “घुटन भरा माहौल” नहीं है और राज्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्ध है।
गोरखपुर में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण को नुकसान पहुंचना आज वैश्विक स्तर पर सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदूषण सीधे मानव स्वास्थ्य को प्रभावित करता है और फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ाता है।
उन्होंने राजधानी दिल्ली के हालात का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां वायु गुणवत्ता इतनी खराब है कि लोगों को सांस लेने में कठिनाई होती है और आंखों में जलन तक महसूस होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदूषण का दुष्प्रभाव विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों और अस्थमा जैसी बीमारियों से ग्रस्त लोगों पर पड़ता है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, शनिवार सुबह दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक 214 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब पर्यावरण के साथ छेड़छाड़ होती है तो ऐसी परिस्थितियां पैदा होना स्वाभाविक है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने गोरखपुर के विकास और पर्यावरणीय संतुलन पर जोर देते हुए कहा कि प्रदेश में विकास कार्यों के साथ प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर भी ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि “हम खुशकिस्मत हैं कि यहां विकास भी हो रहा है और स्वच्छ वातावरण भी बना हुआ है।”
इस अवसर पर उन्होंने कैम्पियरगंज में बनने जा रहे प्रदेश के पहले वानिकी एवं उद्यान विज्ञान विश्वविद्यालय की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि इस संस्थान से डिग्री और डिप्लोमा प्राप्त करने वाले युवाओं के लिए रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध होंगे और इससे किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 के बाद प्रदेश और गोरखपुर में हुए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि सकारात्मक नीयत और सही दिशा में किए गए प्रयासों के कारण क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने गोरखपुर के विकासखंड जंगल कौड़िया में पुनर्निर्मित विकास अधिकारी कार्यालय का उद्घाटन भी किया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पूर्व ब्लॉक प्रमुख स्वर्गीय रामपति यादव को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके सामाजिक योगदान को याद किया और कहा कि उनकी सेवाएं क्षेत्र के लिए प्रेरणास्रोत रहेंगी।
