नयी दिल्ली, 13 फरवरी (Agency)। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा की कार्यवाही बार-बार बाधित होने को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला किया। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष को ‘बयान बहादुर’ करार देते हुए आरोप लगाया कि वह सदन की कार्यवाही ठप करने के लिए “नये-नये बहाने” तलाशते हैं।
संसद के बजट सत्र का पहला चरण शुक्रवार को समाप्त हो गया। यह चरण 28 जनवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करने के साथ शुरू हुआ था। सत्र के दौरान भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते और पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम. एम. नरवणे की अप्रकाशित पुस्तक को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखा गतिरोध देखने को मिला। बजट सत्र का दूसरा चरण नौ मार्च से शुरू होगा।
प्रधान ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “संसद को बाधित करने के लिए हर रोज नया बहाना गढ़ना अब कांग्रेस की कार्यशैली ही नहीं, बल्कि उसकी पहचान बन चुकी है। हर सत्र में एक ही स्क्रिप्ट दोहराई जाती है— हंगामा, शोर, झूठ और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का सुनियोजित उल्लंघन।”
उन्होंने आरोप लगाया कि नेता प्रतिपक्ष के रूप में राहुल गांधी ने जिम्मेदारी का नहीं, बल्कि अराजकता का रास्ता चुना है। प्रधान ने कहा, “‘झूठ बोलो और बार-बार बोलो’ की राजनीति अब उनकी आदत नहीं, बल्कि उनकी राजनीतिक पहचान बन चुकी है, जिसने उन्हें भारतीय राजनीति में अविश्वसनीयता का प्रतीक बना दिया है।”
केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि कांग्रेस को संविधान, लोकतंत्र, संसदीय प्रणाली और जनता के मताधिकार में विश्वास नहीं है। उनके अनुसार, “वैचारिक रूप से खोखली कांग्रेस योजनाबद्ध तरीके से संवैधानिक संस्थाओं पर हमला कर रही है।”
प्रधान ने आपातकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि “आपातकाल की मानसिकता वाले लोग भारत की तरक्की से नफरत करते हैं और ‘डेड इकोनॉमी’ कहकर देश का अपमान करते हैं।” उन्होंने कहा कि “संसद कांग्रेस के निजी स्वार्थ साधने का मंच नहीं, बल्कि देशहित में संवाद का मंच है।”
बजट सत्र के पहले चरण में लगातार हंगामे के कारण कई बार कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी, जिससे महत्वपूर्ण विधायी कार्य प्रभावित हुआ।
