लखनऊ। सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह की पहल पर गुरुवार को फिनिक्स यूनाइटेड मॉल, कानपुर रोड स्थित सिनेमा हॉल में वीर सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के सम्मान में फिल्म ‘बॉर्डर–2’ का विशेष प्रदर्शन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 500 से अधिक सैन्य परिवारों की गरिमामयी उपस्थिति रही और पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति के नारों से गुंजायमान हो उठा।
कार्यक्रम की शुरुआत सैन्य परिवारों के सम्मान के साथ हुई। उपस्थित सैनिकों और उनके परिजनों को अंगवस्त्र भेंट कर अभिनंदन किया गया। इसके बाद सभी के साथ फिल्म का सामूहिक विशेष प्रदर्शन किया गया। आयोजन के दौरान नाश्ता और पेयजल की व्यवस्था भी की गई थी।
सिनेमा हॉल में “भारत माता की जय”, “वंदे मातरम्” और “जय हिन्द” के गगनभेदी नारों ने माहौल को देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत कर दिया। यह आयोजन सैनिक सम्मान, राष्ट्रगौरव और एकता का प्रतीक बनकर उभरा।

सैनिकों के बलिदान को नमन
अपने संबोधन में डॉ. राजेश्वर सिंह ने सभी सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों का स्वागत करते हुए कहा कि देश की स्वतंत्रता और सुरक्षित वर्तमान हमारे वीर जवानों के त्याग और बलिदान का परिणाम है। उन्होंने कहा, “हम सभी को अपने आचरण, कर्तव्यों और राष्ट्रीय मूल्यों के प्रति सजग रहकर सैनिकों के बलिदान को सार्थक करना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि सैनिक कठिन परिस्थितियों—कड़ाके की ठंड, भीषण गर्मी और मूसलाधार वर्षा—में देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं, जबकि उनके परिवार धैर्य और गर्व के साथ उनका इंतजार करते हैं। यह त्याग पूरे राष्ट्र के लिए प्रेरणास्रोत है।
डॉ. सिंह ने सिनेमा की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्र की चेतना और एकता को मजबूत करने में फिल्मों का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सुप्रसिद्ध गीतकार एवं लेखक मनोज मुंतशिर शुक्ला का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें राष्ट्रभावना का सशक्त संवाहक बताया।
मनोज मुंतशिर ने की पहल की सराहना
मनोज मुंतशिर शुक्ला ने डॉ. राजेश्वर सिंह की इस पहल को राष्ट्रप्रेम को जागृत करने वाला प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि जब भी सैनिक सम्मान या देशभक्ति का विषय आता है, डॉ. राजेश्वर सिंह अग्रणी भूमिका में दिखाई देते हैं।
उन्होंने उत्तर प्रदेश की वीर परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि 1857 की क्रांति की इस भूमि पर ‘बॉर्डर–2’ को मिल रहा सम्मान देशभक्ति की गहरी जड़ों का प्रमाण है। अपने छात्र जीवन की स्मृतियां साझा करते हुए उन्होंने बताया कि 1997 में प्रदर्शित ‘बॉर्डर’ फिल्म ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया था और आज उसी श्रृंखला से जुड़ना उनके लिए गर्व का क्षण है।

उन्होंने कहा, “तिरंगे की ऊँचाई और आज़ादी की गरिमा हमारे सैनिकों के अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान से ही संभव है। कुछ वीर कभी लौटकर नहीं आते, लेकिन उनका गौरव सदैव अमर रहता है।” उन्होंने सभी से सैनिकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता की भावना बनाए रखने का आह्वान किया।
गणमान्य सैनिकों की उपस्थिति
कार्यक्रम में कर्नल के.एस.एल. श्रीवास्तव, मेजर श्रीकांत मिश्रा, मेजर श्रुति शिववीर सिंह, कैप्टन एस.पी. सिंह, कैप्टन ए.पी. सिंह, कैप्टन रामकुमार चौहान, कैप्टन हृदयनंद दीक्षित, कैप्टन विष्णु देव गुप्ता, कैप्टन कृष्णदेव त्रिपाठी, कैप्टन आर.पी. मिश्रा, कैप्टन विनोद पाल सिंह, कैप्टन विनोद कुमार सिंह, कैप्टन आर.बी. सिंह, कैप्टन आज्ञा तिवारी, लेफ्टिनेंट जनार्दन, लेफ्टिनेंट राकेश सिंह, सूबेदार मेजर लक्ष्मण सिंह, सूबेदार मेजर द्वारिका सिंह, सूबेदार मेजर शिववीर सिंह, सूबेदार मेजर राजेंद्र शुक्ल, सूबेदार मेजर नवाब सिंह, सूबेदार नरेंद्र सिंह, सूबेदार नरेंद्र प्रताप सिंह, सूबेदार मनोज यादव, सूबेदार संतोष पांडेय, सूबेदार बी.एस.सी. सिंह, सूबेदार आर.पी. सिंह, वारंट ऑफिसर राधा रमण पांडेय सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक और टीम राजेश्वर के सदस्य उपस्थित रहे।
यह आयोजन सैनिकों के सम्मान और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को सशक्त करने वाला एक प्रेरणादायी अवसर साबित हुआ।
