ढाका, 12 फरवरी। बांग्लादेश में 13वें आम चुनाव के लिए बृहस्पतिवार को मतदान संपन्न हो गया और कई स्थानों पर मतगणना शुरू हो चुकी है। चुनाव के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों से छिटपुट हिंसा और बम विस्फोट की घटनाएं सामने आईं, हालांकि अधिकांश मतदान केंद्रों पर प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से पूरी हुई।
यह चुनाव 84 सूत्री सुधार पैकेज पर जनमत संग्रह के साथ आयोजित किया गया। देश की 300 में से 299 संसदीय सीटों पर सुबह साढ़े सात बजे (स्थानीय समयानुसार) मतदान शुरू हुआ, जो शाम साढ़े चार बजे तक चला। जिन केंद्रों पर निर्धारित समय तक मतदाता कतार में मौजूद थे, वहां उनके मतदान तक प्रक्रिया जारी रही। एक उम्मीदवार की मृत्यु के कारण एक निर्वाचन क्षेत्र में मतदान रद्द कर दिया गया।
निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ सचिव अख्तर अहमद के अनुसार दोपहर दो बजे तक लगभग 48 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। देशभर में 42,779 मतदान केंद्रों पर करीब 12.7 करोड़ मतदाता पंजीकृत थे।
मुख्य मुकाबला बीएनपी और जमात के बीच
शेख हसीना की भंग हो चुकी अवामी लीग की गैरमौजूदगी में मुख्य मुकाबला बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) और उसकी पूर्व सहयोगी जमात-ए-इस्लामी के बीच है। अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अवामी लीग को पिछले वर्ष भंग कर दिया गया था और उसके चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी गई थी।
बीएनपी के अध्यक्ष तारिक रहमान ने ढाका के गुलशन मॉडल स्कूल एवं कॉलेज केंद्र में मतदान किया। उन्होंने कहा, “मैंने अपने संवैधानिक अधिकार का प्रयोग किया है। बांग्लादेश की जनता एक दशक से अधिक समय से इस दिन का इंतजार कर रही थी।” उन्होंने यह भी कहा कि यदि चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष और तटस्थ तरीके से होते हैं तो उनकी पार्टी परिणाम स्वीकार करेगी।
जमात-ए-इस्लामी के प्रमुख शफीकुर रहमान ने भी मतदान के बाद निष्पक्ष प्रक्रिया की अपेक्षा जताते हुए कहा कि उनकी पार्टी भी स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव परिणाम को स्वीकार करेगी। उन्होंने कहा, “यही लोकतंत्र की खूबसूरती है।”
मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने मतदान के बाद कहा कि निर्वाचित सरकार को तत्काल सत्ता हस्तांतरित कर दी जाएगी और सभी दलों से संयम एवं लोकतांत्रिक व्यवहार बनाए रखने की अपील की।
व्यापक सुरक्षा इंतजाम
चुनाव के मद्देनजर लगभग 9 से 10 लाख सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया, जो देश के चुनावी इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी तैनाती बताई जा रही है। राजधानी ढाका समेत संवेदनशील क्षेत्रों में बख्तरबंद वाहन और त्वरित कार्यबल तैनात किए गए। पहली बार चुनावी सुरक्षा के लिए ड्रोन का भी इस्तेमाल किया गया।
करीब 81 स्थानीय संगठनों के 55,454 पर्यवेक्षकों और 394 विदेशी पर्यवेक्षकों ने चुनाव प्रक्रिया की निगरानी की। विदेशी पर्यवेक्षकों में विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संगठनों और कई देशों के प्रतिनिधि शामिल हैं।
हिंसा और अनियमितताओं की घटनाएं
मतदान के दौरान कुछ क्षेत्रों से हिंसा और विस्फोट की खबरें आईं। गोपालगंज में एक मतदान केंद्र पर बम विस्फोट में 13 वर्षीय लड़की सहित तीन लोग घायल हो गए। मुंशीगंज-3 निर्वाचन क्षेत्र में एक मतदान केंद्र के बाहर 10 से 12 देसी बमों के विस्फोट से मतदान लगभग 15 मिनट के लिए रोकना पड़ा।
खुलना में जमात-ए-इस्लामी कार्यकर्ताओं के साथ झड़प के दौरान एक बीएनपी नेता की मौत हो गई। दोनों दलों ने घटना को लेकर एक-दूसरे पर आरोप लगाए हैं।
सिलहट और जॉयपुरहाट में मतपत्रों की हेराफेरी और फोटोकॉपी बांटने के आरोपों को लेकर झड़पें और गिरफ्तारियां हुईं। ढाका में पुलिस ने वोट खरीदने के आरोप में एक जमात नेता को गिरफ्तार किया।
उम्मीदवारों की संख्या
इस चुनाव में 50 राजनीतिक दलों के 1,755 उम्मीदवार और 273 निर्दलीय प्रत्याशी मैदान में हैं। बीएनपी ने सबसे अधिक 291 उम्मीदवार उतारे हैं। कुल 83 महिला उम्मीदवार चुनाव लड़ रही हैं।
मतगणना जारी है और प्रारंभिक रुझान देर रात तक आने की संभावना है। पूरे देश की निगाहें अब चुनाव परिणामों पर टिकी हैं, जो बांग्लादेश की राजनीतिक दिशा तय करेंगे।
